अभी मेहनत का है समय
जितनी मेहनत करनी है, 25 साल की उम्र तक कर लो। यही सबसे सही समय है। इससे ही उज्ज्वल भविष्य के दरवाजे खुलेंगे। कोरोना के समय मैं अवसाद में आ गया था। निराश था। जहां पढ़ाई करने के लिए प्रवेश चाहता था, वहां नहीं मिला। अब देश के चुनिंदा हैदराबाद विवि से थिएटर आर्ट्स की पढ़ाई कर रहा हूं। अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति से बहुत मदद मिली।
-सौरभ बिष्ट, विजेता, अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति-2018
दूसरों की मदद करने की इच्छा
अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति ने मेरी पढ़ाई को आगे बढ़ाने में बहुत मदद की। मेरी आगे की पढ़ाई में भी अमर उजाला फाउंडेशन ने मदद की। मैं अभी सीए फाइनल ईयर कर रही हूं। मेरी आर्टिकलशिप पूरी हो चुकी है। मेरा प्रयास है कि जिस तरह अमर उजाला ने मेरा सहयोग किया। मैं भी जरूरतमंदों का सहयोग कर सकूं।
-मोनिका चांगड़ा, विजेता, अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति-2016
अब ब्यूरोक्रेट बनना है...
मैं जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। ऐसे में पढ़ाई हमेशा मेरे लिए चुनौती रही। मेरे पिता घरों तक अखबार पहुंचाने का काम करते हैं। अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति ने मेरी पढ़ाई के लिए आगे के रास्ते खोले। उच्च शिक्षा में भी मेरी मदद की। मैं अभी डीयू से बीएससी कर रही हूं। इसके बाद यूपीएससी की तैयारी करनी है जिससे ब्यूरोक्रेट बनकर लोगों की मदद कर सकूं।
-मणि देवी, विजेता, अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति-2019