हमलावरों ने बताया कि 22 अप्रैल को टिल्लू को रोहिणी जेल से तिहाड़ लाया गया था। इससे पहले ही उन लोगों को पता चल गया था कि उसे तिहाड़ जेल लाया जा रहा है। स्पेशल सेल अब इस बात का पता लगा रही है कि हमलावरों को टिल्लू के बारे में किसने जानकारी दी थी और इसके पीछे किसकी साजिश है।
स्पेशल सेल के अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि रिमांड पर लिए गए आरोपियों ने बताया कि 22 अप्रैल को तिहाड़ जेल आने के बाद से ही वह टिल्लू के सेल की रेकी कर रहे थे। रेकी के दौरान उन्हें पता चला कि सुबह के समय हमला किया जा सकता है जब वह अपने सेल से बाहर आता है। बाहर मौजूद जेल कर्मियों को हमले की जानकारी न हो इसके लिए उन लोगों ने अपने बैरक में लगे एक एग्जॉस्ट फैन को नीचे उतारकर उससे चाकू तैयार किया। इसके अलावा लोहे के ग्रिल को तोड़कर सूआ बनाया।
हमलावरों ने बताया कि जितेंद्र गोगी की हत्या का बदला लेने के लिए ही उन लोगों ने टिल्लू की हत्या की। लेकिन पूछताछ में दीपक तीतर ने बताया कि टिल्लू ने साल 2016 में उस पर हमला कर उसका हाथ को तोड़ दिया था। वह टिल्लू से अपने पर हुए हमले का भी बदला लेना चाहता था। सेल के सूत्रों का कहना है कि भूतल पर जिस सेल में टिल्लू बंद था उसी के ठीक ऊपर पहली मंजिल पर एक सेल में योगेश टुंडा, दीपक तीतर, रियाज खान थे। वहीं उससे सटे दूसरे सेल में राजेश बवाना अकेला था। चारों एक साथ मिलकर टिल्लू की हत्या की साजिश रची।
पूछताछ में हमलावरों ने बताया कि उनका गैंग पिछले दो साल से टिल्लू की हत्या का साजिश रच रहा था। लेकिन गैंगस्टरों को अलग-अलग जेल में शिफ्ट करने की वजह से यह नहीं हो पाया। बीच में भी उन लोगों ने हत्या की साजिश रची थी लेकिन वह सफल नहीं हो पाया।
गैंग के सदस्यों ने टिल्लू को जहर देकर मारने की साजिश रची थी। लेकिन गैंगस्टर जग्गू ने मुखबिरी कर दी थी। उसके बाद लारेंस ने जग्गू को भटिंडा जेल में अपने गुर्गों के जरिए जमकर पिटवाया था। सेल के अधिकारियों का कहना है कि टिल्लू की हत्या का मास्टर माइंड दीपक तीतर, योगेश टुंडा व राजेश बवाना है।
हमलावरों ने बताया कि हत्या के बाद उन लोगों ने भाई और डॉक्टर को बता दिया। हमलावर लारेंस को भाई और गोल्डी बरार को डॉक्टर कहते हैं। चारों हमलावरों का शुक्रवार को रिमांड पूरा हो रहा है।