लालकिला गोलीकांड मामले में फांसी की सजा पाए मोहम्मद अशफाक उर्फ आरिफ की पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई ओपन कोर्ट में होगी।
सुप्रीम कोर्ट ने आरिफ के इस अनुरोध को स्वीकार कर लिया कि उसकी पुनर्विचार याचिका पर ओपन कोर्ट में सुनवाई नहीं हुई थी। आरिफ की पुनर्विचार याचिका और बाद में सुधारात्मक याचिका भी सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है।
चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने आरिफ को बचाव का एक और मौका देते हुए कहा कि अगर वह एक महीने के भीतर पुनर्विचार याचिका दाखिल कर देता है तो उसकी याचिका पर ओपन कोर्ट में सुनवाई होगी।
पीठ ने कहा कि आरिफ को बचाव का एक और मौका मिलना चाहिए भले ही उसकी सुधारात्मक याचिका भी खारिज हो चुकी है।
संविधान पीठ ने उस पूर्व आदेश में बदलाव किया है जिसमें फांसी की सजा पाए दोषियों की पुनर्विचार याचिकाओं को ओपन कोर्ट में सुनवाई करने का निर्णय तभी लिया जाएगा जब उसकी सुधारात्मक याचिका खारिज न हुई हो।
सितंबर 2014 के इस आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि फांसी की सजा पाए दोषियों की पुनर्विचार याचिकाओं पर सुनवाई ओपन कोर्ट में तीन सदस्यीय पीठ के समक्ष होगी। पुनर्विचार याचिकाओं पर सुनवाई पहले चैंबर में हुआ करती थीं।
मंगलवार को संविधान पीठ ने कहा कि फांसी की सजा की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने पुनर्विचार याचिकाओं को ओपन कोर्ट में सुनवाई करने का निर्देश दिया था।