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चार साल सुनवाई फिर भी न्याय नहीं मिला, सवाल तो उठेंगे: आतिशी

Fri, 15 Feb 2019 04:49 AM IST
राजेश सैनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
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आतिशी
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आम आदमी पार्टी (आप) ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को निराशाजनक बताया है। पार्टी ने देरी से आए फैसले पर भी सवाल उठाया है। वहीं, भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा की मुख्यमंत्री के खिलाफ अदालत के अवमानना की चेतावनी पर आप ने भाजपा को अपने गिरेबां में झांकने की सलाह दी है।  

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मीडिया से बात करते हुए आप की पूर्वी दिल्ली लोकसभा प्रभारी आतिशी ने कहा कि मामले की शुरुआत मई 2015 में हुई। अगस्त 2015 तक यह केस हाईकोर्ट में चला। हाई कोर्ट के बाद जब मामला सुप्रीम कोर्ट में गया तो पहले दिन ही दिल्ली सरकार के वकील ने कहा था कि सुनवाई संवैधानिक बेंच में होनी चाहिए, लेकिन केंद्र के वकील ने डिविजनल बेंच की बात कही।

इस पर मामले की 4 महीने तक सुनवाई डिविजनल बेंच में चली। चार महीने बाद अचानक मामले को संविधान पीठ को भेज दिया गया। वहां पूरा मामला सुना गया और नवंबर 2017 में तमाम जिरह पूरी हो गई, लेकिन कई महीनों तक इस मसले पर कोई भी फैसला नहीं दिया गया। जुलाई 2018 में सुप्रीम कोर्ट का इस मामले पर फैसला आया, लेकिन उसमें भी कोई संतोषजनक निर्णय नहीं लिया गया। आदेश में कहा गया था कि जमीन, कानून व्यवस्था व पुलिस ही आरक्षित विषय हैं। इसमें सर्विसेज का जिक्र नहीं था।
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जुलाई 2018 के आदेश के बाद मामले को दोबारा से डिवीजन बेंच के समक्ष भेज दिया गया और नवंबर 2018 तक डिवीजन बेंच के समक्ष  सुनवाई चली। अब 3 महीने बाद अब फैसला आया है। इसमें कहा गया है कि हम लोगों के मत इस मामले पर अलग-अलग हैं तो 3 जजों की बेंच को यह मामला ट्रांसफर कर दिया जाए। आतिशी ने कहा कि एक सरकार का अपने अधिकारों के लिए सालों तक फैसला न ले पाना न्यायिक व्यवस्था पर सवालिया निशान लगाता है। 

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संबित पात्रा पर उठाया आतिशी ने सवाल
आतिशी ने कहा कि भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने आप की तरफ से सुप्रीम कोर्ट पर उठाए गए सवाल पर आपत्ति जताई है। मैं पूछना चाहती हूं कि वह (संबित) किस तरह की न्यायिक प्रक्रिया चाहते हैं?

क्या ऐसी न्यायिक प्रक्रिया चाहते हैं, जिसमें किसी एक मामले पर सुनवाई चलती ही रहे और उस पर कोई फैसला ना आए या फिर दिल्ली सरकार का यह मामला जो बेहद महत्वपूर्ण है, दिल्ली की जनता के जनजीवन से जुड़ा हुआ है, तो उस पर जल्द से जल्द फैसला आए ऐसी न्याय प्रक्रिया चाहते हैं।

आतिशी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने देश की जनता से न्यायिक प्रक्रिया पर विश्वास रखते हुए अपने मतों के अधिकार का उपयोग करने की अपील की है। इसमें क्या गलत है। आतिशी ने कहा कि देश का कानून संसद में बनता है और न्यायिक व्यवस्था उस कानून का पालन करती है।

उन्होंने आरोप लगाया कि 4 दिन पहले भाजपा के बड़े नेता बीएस येदुरप्पा का फोन स्टिंग सार्वजनिक हुआ था, जिसमें वह अदालत को मैनेज करने की बात कर रहे हैं। इससे बड़ी अदालत की अवमानना आज तक कभी नहीं हुई।      
    
भगवान से भी इंसाफ नहीं मिला: संजय सिंह
आप सांसद संजय सिंह ने ट्वीट कर अदालत  के फैसले पर सवाल उठाते कहा कि न्याय में विलंब न्याय नहीं है। जज को जनता भगवान मानती है, लेकिन भगवान भी इंसाफ नहीं दे सके। क्या प्रधानमंत्री की मर्जी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट फैसले नहीं देता? राफेल में खुला भ्रष्टाचार हुआ, केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में झूठ बोला, उन पर भी तो कार्रवाई होनी चाहिए थी? सुप्रीम कोर्ट से फैसले से दिल्ली के करोड़ों लोगों की भावनाएं आहत हुईं हैं। 
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