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Delhi NCR News: दिल्ली विधानसभा बनाम पंजाब पुलिस होता दिख रहा आतिशी से जुड़ा मामला

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-पंजाब पुलिस ने कहा, उसकी जांच दिल्ली विधानसभा के विशेषाधिकार से बाहर
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-पुलिस जांच की निगरानी केवल अदालत के पास, न कि किसी विधानसभा के

अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
नेता प्रतिपक्ष आतिशी से जुड़ा कथित गुरुओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला अब दिल्ली विधानसभा बनाम पंजाब पुलिस होता नजर आ रहा है। इस मामले में अब पंजाब पुलिस ने दिल्ली विधानसभा को कानूनी पाठ समझाया है। डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) पंजाब के कार्यालय की ओर से दिल्ली विधानसभा सचिवालय को भेजे गए जवाब में कहा गया है कि विवादित वीडियो विधानसभा के बाहर एडिट कर प्रसारित किया गया, इसलिए यह विधानसभा के विशेषाधिकार के दायरे में नहीं आता। पुलिस जांच की निगरानी केवल अदालत कर सकती है, न कि कोई विधानसभा। मंत्री कपिल मिश्रा के खिलाफ एफआईआई कानून के तहत और सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने के उद्देश्य से की गई।

पंजाब पुलिस ने कहा है कि फॉरेंसिक जांच में आतिशी ने अपने मूल भाषण में गुरु शब्द का इस्तेमाल नहीं किया। ये मामला सात जनवरी को जालंधर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत के बाद सामने आया। शिकायत थी कि सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो क्लिप्स वायरल की जा रही हैं, जिनमें आतिशी को सिख गुरुओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करते हुए गलत तरीके से दिखाया गया है। जबकि आतिशी के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर उपलब्ध मूल वीडियो में ऐसी कोई टिप्पणी मौजूद नहीं है।
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पंजाब पुलिस ने कहा है कि प्रारंभिक जांच के बाद सामने आया कि वीडियो क्लिप्स के साथ छेड़छाड़ कर उन्हें एडिट किया गया है। इसके बाद अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान वायरल वीडियो क्लिप को सोशल मीडिया के सार्वजनिक यूआरएल से डाउनलोड कर राज्य फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी, मोहाली भेजा गया। फॉरेंसिक रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया कि जांचाधीन वीडियो के ऑडियो में वक्ता की ओर से गुरु शब्द का उच्चारण नहीं किया गया है। इससे यह साबित होता है कि पंजाब में धार्मिक भावनाएं भड़काने के लिए वीडियो में जानबूझकर शब्द जोड़े गए। सदन के भीतर दिए गए भाषण को लेकर आतिशी के खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। जांच केवल उन अज्ञात लोगों के खिलाफ है जिन्होंने वीडियो की क्लिपिंग, क्रॉपिंग और डिजिटल छेड़छाड़ की।
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