निवाड़ी रोड स्थित मंदिर से पुलिस ने मंगलवार रात 12 से 4 बजे के बीच साईं बाबा की मूर्ति हटवा दी। इसके चलते साईं भक्तों में रोष व्याप्त है। निवाड़ी रोड पर राधा कृष्ण विहार कॉलोनी में एक धार्मिक स्थल है।
कुछ लोग कहते है कि यह पुराना शिव मंदिर है, जबकि कुछ का कहना है कि यहां आसाराम बापू का सतसंग आश्रम है। उनके शिष्य प्रत्येक रविवार को यहां सत्संग करते हैं। इस परिसर में वर्ष 2004 में समिति ने लाखों रुपये खर्च कर आसाराम बापू की व्यासपीठ बनवाई गई थी।
आसाराम बापू पर रेप का आरोप लगने के बाद कालोनी के लोग मंदिर में साईं बाबा की मूर्ति लगाना चाहते हैं। इसके चलते मंदिर की नई कमेटी का गठन भी किया गया है। नई कमेटी द्वारा व्यासपीठ में बृहस्पतिवार को मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम था।
इसके विरोध में आसाराम बापू के शिष्य वेदप्रकाश गुप्ता ने 22 अप्रैल को एसडीएम से शिकायत की। मामला बिगड़ता देख मंगलवार देर रात एसडीएम कृष्ण करूणेश, सीओ रामनयन यादव और कोतवाली प्रभारी मयफोर्स मंदिर परिसर में पहुंचे और साईं बाबा की मूर्ति हटवा दी।
बुधवार सुबह जब साईं भक्तों को इसका पता चला तो उन्होंने विरोध जताया है। एसडीएम कृष्ण करूणेश का कहना था कि यहां पर आशाराम बापू की व्यासपीठ पहले स्थापित की गई थी, इसलिए पुलिस ने कार्रवाई करते हुए साईं मूर्ति हटवाई है।
नई समिति से जुड़े राजीव शर्मा का कहना है कि पुलिस व प्रशासन द्वारा देर रात की गई कार्रवाई सही नहीं है। वह मामले को लेकर पुलिस और प्रशासन के बड़े अधिकारियों से मिलेंगे। वहीं, आसाराम बापू के शिष्य वेदप्रकाश गुप्ता का कहना था कि प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई सही है।
एसपी देहात जगदीश शर्मा ने बताया कि तहसीलदार कमलेश कुमार की जांच में पाया गया कि उक्त भूमि एलएमसी की है, जिस पर पहले से ही कब्जा है। तहसीलदार ने नगर पालिका ईओ को जमीन को कब्जा मुक्त कराने के आदेश दिए हैं।