स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की संयुक्त टीम की जांच में गाजियाबाद के 18 निजी स्कूलों के पेयजल नमूने फेल आने पर एओए-आरडब्ल्य्रूए आग बबूला हो गया है। एओए और आरडब्ल्यूए ने जिला प्रशासन को चेतावनी दे दी है कि बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
एडीएम सिटी से दोषी स्कूलों पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है, जो लाखों रुपये फीस लेने के बावजूद भी बच्चों को स्वच्छ पेयजल मुहैया नहीं करा पा रहे हैं।
फेडरेशन ऑफ अपार्टमेंट ओनर एसोसिएशन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एडीएम सिटी रक्षपाल सिंह से इस मामले में सीधी बात की है। उनसे मांग की गई कि दोषी 18 स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
एओए का कहना है कि बच्चों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराना स्कूल की जिम्मेदारी है। कनफेडरेशन ऑफ ट्रांस हिंडन आरडब्ल्यूएज ने भी स्कूलों में पेयजल नमूने फेल होने का मामले को गंभीर बताया है। उनका कहना है कि इस मामले में सीबीएसई चेयरमैन से मुलाकात कर स्कूलों की लापरवाही से अवगत कराया जाएगा।
स्कूलाें में पेयजल टंकियों में क्लोनिरेशन की जिम्मेदारी स्कूलों की है। स्कूलों को समय-समय पर नियमानुसार क्लोरिनेशन करना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है।