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कोरोना काल में नौकरी गई तो सब्जी बेचने लगे प्रोफेसर, कर चुके हैं एलएलबी, एमबीए और पीजी डिप्लोमा की पढ़ाई

Sun, 30 Aug 2020 10:59 AM IST
प्राची प्रियम संदीप वर्मा, ग्रेटर नोएडा
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सब्जी बेचने लगे प्रोफेसर - फोटो : अमर उजाला
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कोरोना काल में नौकरी जाने पर ग्रेटर नोएडा के एक असिस्टेंट प्रोफेसर ने हाथ पर हाथ धरकर नहीं बैठने की ठानी। उन्होंने गामा-2 में एक सब्जी और किराने की दुकान खोल ली। उनका कहना है कि मुश्किल दौर समाप्त हो जाने के बाद भी वह अपने व्यापार को आगे बढ़ाने में जुटे रहेंगे। 

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जीटा-1 निवासी आलोक मोहन करीब 15 वर्षों से शिक्षण क्षेत्र में कार्यरत थे। वह एलएलबी, एमबीए और पीजी डिप्लोमा इन साइबर सिक्योरिटी की पढ़ाई कर चुके हैं और प्रबंधन विषय में पीएचडी कर रहे हैं। 

नॉलेज पार्क स्थित एक निजी कॉलेज में पिछले कुछ वर्षों से प्रबंधन विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर थे। उन्होंने बताया कि कोविड के चलते कॉलेज में वेतन मिलना बंद हो गया था। उन्होंने एक फ्लैट बुक करा रखा है और प्रत्येक माह उसकी किस्त भी भरनी पड़ती थी। 
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उनकी चार वर्ष की बेटी है। उनकी पत्नी भी चार वर्ष पूर्व जॉब करती थीं, लेकिन बेटी के पालन-पोषण के लिए पत्नी ने भी जॉब छोड़ दी थी। नौकरी जाने के बाद आलोक को घर का खर्च चलाने में परेशानी आने लगी। 

जब उनको कोई रास्ता नहीं सूझा तो उन्होंने पुराने दोस्तों और कुछ परिवार के सदस्यों से कुछ पैसे लेकर अपना व्यापार करने की सोची। दो माह पहले जून में उन्होंने गामा-2 में एक दुकान लेकर वेजिटेबल एंड ग्रॉसरी सिंगल मार्ट शुरू किया। 

हालांकि, इस दौरान उन्होंने अपने कॉलेज से बाकी बचे पैसे देने की भी गुहार लगाई लेकिन रोज उन्हें एक-दो दिन बाद आने के लिए टाल दिया जा रहा है। उनका कहना है कि कॉलेज से यदि कुछ रुका हुआ पैसा मिल जाएगा तो वह दोस्तों का बचा हुआ उधार भी चुका पाएंगे। 

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पत्नी भी करती हैं पूरा सहयोग
पत्नी नीतू सिंह भी उनका भरपूर सहयोग करती हैं। आलोक बताते हैं कि अब उनका स्टोर अच्छा चल निकला है। अब आगे चलकर कोविड का समय खत्म होता है तो वह जरूर शिक्षण क्षेत्र की तरफ जाने की सोचेंगे, लेकिन उनका पहला लक्ष्य अपने व्यापार को आगे बढ़ाना है। 
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