दिल्ली विधानसभा का एक दिन का विशेष सत्र मंगलवार को डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को श्रद्धांजलि देने के बाद 3 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
विस अध्यक्ष ने कहा कि 3 अगस्त को विशेष सत्र के एजेंडे में शामिल नियम 280 के सवाल समेत बाकी विषयों पर चर्चा होगी।
कार्यवाही स्थगित करने केबाद विस अध्यक्ष रामनिवास गोयल, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री समेत तमाम नेता राजाजी मार्ग पहुंचे और पूर्व राष्ट्रपति को श्रद्धांजलि दी।
'सपने वे होते हैं जिन्हें देखकर नींद उड़ जाती है'
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के निधन से आज का दिन वैज्ञानिक सोच के लिए सदमें का दिन है। वो गीता-कुरान के साथ देश का भी अध्ययन करते थे। वे सही मायने में नेता थे।
वे युवाओं का नेतृत्व कर रहे थे, राजनीतिज्ञों और छात्रों का भी नेतृत्व एक साथ कर रहे थे। वे हमेशा कहते थे कि सपने वे नहीं होते जो सोते हुए देखे जाते हैं, सपने वो होते हैं जिन्हें देखने के बाद नींद उड़ जाती है।
मनीष सिसोदिया ने कहा जब मैं शिक्षा मंत्री के तौर पर मिलने गया तो पूर्व राष्ट्रपति डॉ. कलाम बहुत खुश थे। शायद उन्हें पता था कि दिल्ली सरकार शिक्षा केलिए अच्छा करने जा रही है।
'डॉ. कलाम को लेकर वाजपेयी को थी आशंका'
उनसे बात हुई तो 9-12वीं कक्षा का सेलेबस 25 फीसदी कम करके उसकी जगह स्किल शिक्षा को जोड़ने का विजन दिया। हम भारत रत्न डॉ. कलाम का सपना दो प्रमाणपत्र देकर पूरा करेंगे। वे बेशक चले गए लेकिन वह छात्र और शिक्षकों में हैं।
विस में नेता प्रतिपक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने गैर राजनीतिक डॉ. कलाम के सामने जब पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने राष्ट्रपति बनाने का संदेश भेजा तो आशंका थी कि स्वीकार करेंगे या नहीं।
उन्होंने बताया कि डॉ. कलाम की अंतिम पंक्ति थी, धरती जीने लायक कैसे बनाया जाए? ये सवाल 21वीं सदी का बड़ा सवाल है। फिर वे हमेशा कहते थे कि लक कुछ नहीं होता, ज्ञान से सबकुछ मिलता है।
डॉ. कलाम के नाम से उच्च शिक्षा लोन स्कीम
श्रद्धांजलि के तौर पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए हाल ही में शुरू की गई दस लाख रुपये तक की लोन स्कीम को डॉ. कलाम के नाम से चलाए जाने की घोषणा की।
इसका नाम अब डॉ. ऐपीजे अब्दुल कलाम हायर एजुकेशन एंड स्किल एजुकेशन गारंटी स्कीम होगा। मुख्यमत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि डॉ. कलाम आम आदमी के राष्ट्रपति थे।
उनका लोगों दिल्ली से दिल का नाता था। जब से उनके विषय में खबर मिली पूरे देश में मातम है। गत 2 जुलाई को शिक्षकों को प्रेरित करने आए थे तो हम खुश थे कि उनके मार्गदर्शन में काम का अवसर मिलेगा। लेकिन ऐसा नहीं हो सका।