दिल्ली के गाजीपुर लैंडफिल में लगी आग को बुझाते दमकल कर्मी
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गाजीपुर लैंडफिल साइट में आग लगने को लेकर विधानसभा पर्यावरण समिति ने पूर्वी दिल्ली नगर निगम आयुक्त को समन जारी किया है। पैनल चेयरपर्सन ने गुरुवार को ये जानकारी दी।
राजधानी के लोग पहले ही प्रदूषण की मार झेल रहे हैं। इस बीच गाजीपुर इलाके में रहने वाले लोगों की मुश्किलें और बढ़ गईं। मंगलवार रात गाजीपुर लैंडफिल साइट पर कूड़े के पहाड़ में आग लग गई और कई किलोमीटर तक चारों ओर धुआं फैल गया। हवा बंद होने की वजह से स्थानीय लोगों के घरों में भी धुआं घुस गया और उन्हें सांस लेने में दिक्कत होने लगी।
खासकर, बुजुर्गों, बच्चों और बीमारों को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। लोगों ने पूरी रात जागकर गुजारी। सांस लेने में परेशानी होने पर कुछ लोगों को अस्पताल जाना पड़ा। दमकल की 14 गाड़ियां मौके पर पहुंची, लेकिन बुधवार शाम तक आग पर काबू नहीं पाया जा सका। धुएं के कारण एनएच-9 पर दृश्यता काफी कम हो गई। उधर, गाजीपुर थाना पुलिस ने अज्ञात में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को संदेह है कि किसी ने जान-बूझकर आग लगाई है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मंगलवार शाम अचानक कूड़े में आग लग गई। देखते ही देखते धुआं चोरों ओर इलाके में फैल गया। अमूमन, यहां आग लगती रहती है। हवा चलने की वजह से उसका पता नहीं चल पाता, लेकिन अब कई दिन से हवा बंद है। इससे धुआं घरों में घुस गया। परेशान होकर रात 9.56 बजे दमकल विभाग को सूचना दी गई। इसके बाद 14 गाड़ियां मौके पर पहुंची।
आग नीचे से शुरू होकर कूड़े के पहाड़ पर ऊपर तक पहुंच गई थी। दमकल कर्मी रातभर उस पर काबू पाने में लगे रहे। हालांकि, बुुधवार को काफी हद तक आग पर काबू पा लिया गया था, परंतु कूड़े से धुआं लगातार उठ रहा था। हालत यह रही कि धुआं गाजियाबाद के कौशांबी और उसके आसपास के इलाकों में फैला रहा।