गणतंत्र दिवस परेड कार्यक्रम की जानकारी देते हुए मेजर जनरल राजपाल पुनिया ने बताया कि गणतंत्र दिवस परेड में महिलाओं की भागीदारी को देखते हुए यह बात कही जा सकती है कि महिला परेड दस्ते की संख्या इस बार सर्वाधिक है। ऑल वुमेन असम राइफल्स का दस्ता तो पहली बार परेड में हिस्सा लेगा जो अपने आप में ऐतिहासिक है।
एक बच्चे की मां मेजर खुशबू कंवर असम राइफल्स की कमान संभालेंगी। असम राइफल्स देश की सबसे पुरानी पैरामिलिट्री फोर्स है। खुशबू कहती हैं कि एक महिला दस्ते का नेतृत्व करना उनके लिए गर्व की बात है। हमने इसके लिए कड़ी मेहनत की है। मैं राजस्थान के एक बस कंडक्टर की बेटी हूं और अगर मैं इस मुकाम पर पहुंच सकती हूं तो कोई भी अपने सपने पूरे कर सकता है।
खुशबू के अलावा कैप्टन शिखा सुरभि भी परेड में चार चांद लगाएंगी जब वह परेड में बाइक स्टंट करती नजर आएंगी। शिखा अपने बारे में बताती हैं कि वह पहली महिला हैं जो डेयरडेविल सेगमेंट का हिस्सा हैं जो बाइक स्टंट करता है। यह स्टंट करने के लिए बहुतत सारी प्रैक्टिस और मेहनत लगी। महिलाएं सबकुछ कर सकती हैं। 28 वर्षीय शिखा झारखंड के हजारी बाग की रहने वाली हैं। उन्होंने बताया कि वह बाइक पर खड़े होकर सलामी देंगी।
खुशबू और शिखा के अलावा लेफ्टिनेंट अंबिका सुधाकरण 144 युवा सेलर के दस्ते की अगुवाई करेंगी। वहीं लेफ्टिनेंट भावना कस्तूरी आर्मी सर्विस कॉर्प्स(एएससी) के दस्ते को लीड करेंगी जिसमें 144 जवान होंगे। एएससी आर्मी को लॉजिस्टिक उपलब्ध कराती है और खास बात ये है कि यह दस्ता 23 साल बाद परेड में शामिल हो रहा है और इसकी अगुवाई एक महिला कर रही है।
लेफ्टिनेंट भावना कस्तूरी अपने अनुभव के बारे में बताती हैं कि मेरे परिवार में एक भी शख्स आर्मी में नहीं था। मैं 2016 में आर्मी में शामिल होने वाली फर्स्ट जनरेशन अधिकारी हूं। इसके बावजूद मेरे परिवार ने मुझे हमेशा सपोर्ट किया और मेरा हौसला बढ़ाया। कड़े सेलेक्शन प्रोसेस को पार करने के बाद 144 पुरुषों के दस्ते को अगुवाई करने का मुझे मौका मिला जो दिखाता है कि आर्मी में लिंग भेद नहीं होता। मैं युवा लड़कियों को बताना चाहती हूं कि हमारा देश ऐसा है कि आप अपने सपनों के पीछे भागिए और कभी हार मत मानिए तो आपको जो सफलता चाहिए वह मिलेगी।