सेक्टर-19 स्थित एक पब्लिक स्कूल में कार्यक्रम में हिस्सा लेने आए नोएडा पुलिस के बड़े अधिकारी स्टूडेंट्स को संबंधित कर रहे थे। संबोधन खत्म होने के बाद सवाल-जवाब का सिलसिला शुरू हुआ।
इस दौरान कुछ बच्चों ने साइबर क्राइम से जुड़े कुछ प्रश्न पुलिस अधिकारी से दागे तो उसी बीच एक छात्रा ने ऐसा सवाल दाग दिया जिस पर पुलिस अधिकारी को चंद सेकेंड वह सोचने पर मजबूर हो गए कि आखिर इस प्रश्न का जवाब क्या दिया जाए। सवाल यह था कि सर पुलिस वाले जब लोगों से रिश्वत लेते हैं तो वह रिश्वत की रकम किस- किस के पास जाती है। उसका बंटवारा कैसे होता है।
हालांकि अधिकारी ने छात्रा को जवाब दिया कि बेटा पहले तो रिश्वत नहीं लेनी चाहिए। अगर कोई रिश्वत ले भी रहा है तो वह अपने और परिवार के ऊपर यह रकम खर्च कर लेता होगा।
थोड़े ही देर बाद एक छात्र ने आपबीती पुलिस अधिकारी को सुनाई कि एक दिन पुलिसकर्मी ने उसके पिता को सड़क पर रोक लिया गाड़ी के पेपर चेक करने के लिए उसके बाद बदसलूकी भी की।
इस पर अधिकारी ने जवाब दिया कि उस पुलिसकर्मी की शिकायत होनी चाहिए और उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी करनी चाहिए। मगर इससे साफ जाहिर है कि स्टूडेंट्स ने पूरी साफगोई से पुलिस महकमे का दूसरा छुपा हुआ चेहरा उनके अधिकारी के सामने प्रस्तुत कर दिया।