55 स्थित ई-9 में रविवार को छापेमारी कर पुलिस ने जहरीली शराब की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया था। यहां से पुलिस ने भारी मात्रा में जहरीली शराब, केमिकल और शराब बनाने की मशीन बरामद कर पांच लोगों को गिरफ्तार भी किया।
वहीं, जिस कोठी में यह गोरखधंधा चल रहा था, उसके मालिक की हैसियत और रुतबे के बारे में पता चलने के बाद पुलिस उन्हें बचाने में जुट गई है। कोठी मालिक पति-पत्नी दोनों ही वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी हैं और दिल्ली में तैनात हैं। इससे पूर्व पुलिस अधिकारी कोठी मालिक के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की बात कर रहे थे।
बता दें कि रविवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे एसपी सिटी दिनेश यादव को सूचना मिली थी कि सफेद रंग की एक मारुति-800 कार से अवैध शराब की डिलीवरी की जानी है।
एससी सिटी सेक्टर-58 की पुलिस के साथ चेकिंग करने लगे। पुलिस ने घेराबंदी कर सफेद रंग की कार को रोक लिया। कार सवार गाजियाबाद निवासी अतुल कूदकर फरार हो गया।
वहीं, फिरोजाबाद निवासी अनिल कार रोककर भागने लगा। पुलिस ने कार कब्जे में लिया, जिसमें 10 पेटी अवैध शराब रखी हुई थी। भागने वाले शख्स के पीछे पुलिस लग गई।
आरोपी ई-9 सेक्टर-55 स्थित कोठी में घुस गया। कोठी में छापेमारी कर वहां से अनिल, एटा निवासी राधेश्याम, अशोक, विपिन, बुलंदहशहर निवासी रविंद्र को गिरफ्तार किया गया।
मौके से 12 ड्रम केमिकल, शराब बनाने की मशीनें और दर्जनों शराब की बोतलें बरामद की गईं। छापेमारी के बाद तक पुलिस को यह नहीं पता था कि यह कोठी किसकी है।
ऐसे में पुलिस ने बड़े-बड़े दावे किए। उसके बाद जैसे ही पुलिस को पता चला कि यह कोठी किसी प्रशासनिक अधिकारी की है, तो पुलिस की नींद उड़ गई और उक्त अधिकारी को बचाने में जुट गई।