वोटरों के नाम हटाने के पीछे भाजपा
चुनाव आयोग से बाहर निकलने के बाद मीडिया के समक्ष केजरीवाल ने आरोप लगाया कि भाजपा दिल्ली में लोगों के वोट कटवाकर एक नागरिक के रूप में मिले उनके अधिकारों को छीन रही है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने कई विधानसभा क्षेत्रों में हजारों मतदाताओं के नाम काटने के लिए आवेदन किए हैं। इनमें ज्यादातर गरीब, अनुसूचित जाति, पूर्वांचली हैं, जो झुग्गियों और कच्ची कॉलोनियों में रहते हैं। चुनाव आयोग ने आप की शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
वोट काटने की कार्रवाई बंद हो
केजरीवाल के मुताबिक, उन्होंने चुनाव आयोग के सामने रखा कि कैसे शाहदरा में भाजपा के एक पदाधिकारी ने चोरी-छिपे 11008 लोगों के नाम कटवाने के लिए आयोग को लिस्ट दी। जनकपुरी में भाजपा के कार्यकर्ताओं ने 4874 वोट काटने के लिए आवेदन किए हैं। इसी तरह अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों का भी हाल है। हमारी मांग थी कि बड़े स्तर पर वोट काटने की कार्रवाई बंद की जाए। अभी चुनाव आयोग ने समरी रिवीजन की है। जिन-जिन लोगों ने इस किस्म के आवेदन किए हैं, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए।
चुनाव आयोग का आया जवाब
चुनाव आयोग ने कहा है कि चुनाव से पहले किसी का नाम वोटर लिस्ट से नहीं निकाला जाएगा। इस बीच जरूरी होने पर अगर ऐसा करना पड़े तो लिस्ट के आधार पर नहीं किया जाएगा, किसी को भी अगर डिलीशन कराना है तो उसे फॉर्म 7 भरना पड़ेगा, उसी के आधार पर डिलीशन होगा। अगर चुनाव आयोग तय करता है कि कोई डिलीशन होना है, तो उस पर पहले फील्ड इनक्वायरी होगी। फील्ड इनक्वायरी में बीएलओ अपने साथ बाकी पार्टियों के पदाधिकारियोें, प्रतिनिधियों को भी लेकर जाएंगे।