पहलवानों को समर्थन देने जंतर-मंतर पहुंचे अरविंद केजरीवाल
- फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल शनिवार को जंतर-मंतर पर पहुंचे और कई दिनों से धरना दे रहे पहलवानों को समर्थन दिया। उन्होंने पूरे देश से पहलवानों का साथ देने की अपील की। उन्होंने कहा कि जो लोग भारत मां से प्यार करते हैं, वे सभी इनके समर्थन देने जंतर-मंतर जरूर पहुंचे, भले ही एक-दो दिन की छुट्टी लेनी पड़े। ये बच्चियां अपने लिए नहीं, बल्कि खेल जगत के लिए लड़ रही हैं। दुनिया में देश का नाम रोशन करने वाली इन बेटियों को पूरे देश ने कंधे पर उठाया था, लेकिन आज इन्हें छेड़खानी करने वाले व्यक्ति के खिलाफ एक एफआईआर कराने के लिए धरना देना पड़ रहा है। प्रधानमंत्री ने गरीब के बच्चों को पढ़ाने वाले को जेल में डाल दिया और महिला खिलाड़ियों का शोषण करने वाले को गले लगा लिया। दिल्ली का मुख्यमंत्री होने के नाते मुझसे जो भी बन पड़ेगा, मैं सब कुछ करूंगा। सभी हमारे ही बच्चे हैं।
फांसी की सजा मिले
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे देश के किसी भी बहन-बेटी के साथ गलत काम करने वाले व्यक्ति को तुरंत पकड़कर सख्त सजा देनी चाहिए और फांसी पर लटका देना चाहिए। ये सामान्य महिलाएं नहीं हैं। ये वो महिलाएं हैं, जिन्होंने मेहनत से दुनियाभर में देश का नाम रोशन किया। जब इन्होंने मेडल जीते थे तो टीवी पर पूरी दुनिया इन्हें देख रही थी। यह बहुत ही दुख की बात है कि इनके साथ किसी आदमी ने छेड़खानी, दुर्व्यवहार व गलत काम किया।
बुजुर्ग ने कहा था, पीएम ने ठीक नहीं किया
केजरीवाल ने एक बुजुर्ग के साथ हुई बातचीत को साझा करते हुए कहा कि कुछ दिन पहले बुजुर्ग मेरे पास आए और बोले प्रधानमंत्री ने ठीक नहीं किया। आरोपी को क्यों बचा रहे हैं। इससे देश के अंदर ऐसा संदेश जा रहा है कि अगर इनकी पार्टी का कोई आदमी गड़बड़ करेगा तो एक एफआईआर तक दर्ज नहीं होगी। इससे पहले भी भाजपा के नेता ने किसानों पर गाड़ी चढ़ा दी थी, उस समय भी आरोपी को बचाया जा रहा था। इन पहलवानों को एक एफआईआर दर्ज कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक जाना पड़ा। जंतर-मंतर बहुत ही पवित्र धरती है। वर्ष 2011 में अन्ना हजारे जंतर-मंतर पर ही आए थे और आंदोलन ने देश की राजनीति बदल दी थी। इन बच्चों का यह आंदोलन देश की खेल व्यवस्था को पूरी तरह से बदल देगा।