पिछले लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी सरकार ने बड़ी जीत हासिल की। इस जीत के लिए अमित शाह की उस रणनीति को भी श्रेय दिया जाता है, जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार की योजनाओं का खूब बखान करवाया। हर मंच से लोगों को मिले शौचालय, गैस कनेक्शन और बिजली का मुद्दा उठाया गया। माना जाता है कि शाह की इस रणनीति ने लोगों के मन में यह बात स्थापित करने में बड़ी मदद की कि नरेंद्र मोदी सरकार गरीब लोगों के लिए काम कर रही है। माना जाता है कि इस सोच ने मोदी सरकार की वापसी की राह आसान कर दी।
अब अमित शाह की इसी रणनीति को आम आदमी पार्टी ने अपनाने का फैसला किया है। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के निवास पर गुरुवार को सभी विधायकों की एक बैठक आयोजित की गई। इसमें यह तय किया गया कि सभी विधायक अब प्रतिदिन अपने इलाकों में निकलेंगे। वे सीधे लोगों से मुलाकात करेंगे और सरकार के द्वारा किये गए कामों की जानकारी देंगे। इस दौरान अगर उन्हें किसी तरह की शिकायत मिलती है तो वे तत्काल उसे दूर करने की कोशिश भी करेंगे। जिन समस्याओं को दूर करने में समय लग सकता है उसकी सूची बनाकर करवाने की कोशिश करेंगे। पार्टी ने अपने इस कार्यक्रम को 'आपका विधायक आपके द्वार' नाम दिया है।
निगरानी होगी
जानकारी के मुताबिक पार्टी के सभी विधायकों के कामों की लगातार निगरानी रखी जाएगी। सभी विधानसभा क्षेत्रों में एक निगरानी समिति बनेगी। यह समिति विधायक के प्रतिदिन लोगों से मिलने की जानकारी की सूची बनाएगी और इसे केंद्रीय टीम को भेजेगी। किसी भी विधायक के कामकाज में कमी पाए जाने पर उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
खूब किया है काम
एक आप नेता का दावा है कि अरविंद केजरीवाल सरकार ने अपने पिछले साढ़े चार साल के शासन के दौरान कई बड़े काम किये हैं। शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए गए काम उसके लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुर्खियां बटोर चुके हैं। इसी प्रकार बिजली और पानी उपलब्ध कराने में भी उसने काफी काम किया है। लेकिन अगर इन कामों को जनता तक सही से नहीं पहुंचाया गया तो पार्टी को इसका चुनाव में लाभ नहीं मिलेगा। यही कारण है कि स्वयं अरविंद केजरीवाल ने सरकार के कामकाज का प्रचार करने की रणनीति बनाने का काम ले लिया है। वे स्वयं विधायकों के कामकाज की निगरानी रखेंगे।