केजरीवाल ने एमएसआर (मगुंटा रेड्डी केस में सरकारी गवाह) का बयान पढ़ते हुए कहा कि वे शाम 4:30 बजे मुझसे मिलने आए। दिल्ली में अपना धर्मार्थ संगठन खोलना चाहते थे। उन्होंने जमीन मांगी तो मैंने कहा कि मैं एलजी को भेजूंगा। उसी दिन ईडी का छापा पड़ा और उन्होंने मामले को गलत ढंग से पेश किया। पहले एमएसआर व उनके बेटे ने ईडी के सामने छह बयान हैं दिए जिसमें मेरा नाम नहीं थी। इसके बाद ईडी ने 7वें बयान का इस्तेमाल किया। शरथ रेड्डी ने नौ बयान दिए, लेकिन किसी में भी मेरा नाम नहीं था। मामले में जो लोग गवाह बन रहे हैं और उन्हें बयान बदलने को मजबूर किया जा रहा है। इसके बाद केजरीवाल के बयान का ईडी ने विरोध किया और अदालत ने पांच मिनट का वक्त दिया।
केजरीवाल ने कहा कि ईडी का मिशन सिर्फ मुझे फंसाना था। तीन बयान दिए गए जिसमें से कोर्ट के सामने वह बयान लाया गया, जिसमें मुझे फंसाया गया। एक और गवाह के सात बयान दर्ज किए गए। इनमें छह में मेरा नाम नहीं है। जैसे ही 7वें बयान में मेरा नाम आता है, उसे छोड़ दिया गया। एक गवाह शरथ रेड्डी है। मैं ये जानना चाहता हूं कि क्या चार बयान एक मुख्यमंत्री को गिरफ्तार करने के लिए काफी हैं। हजारों पेज ईडी के दफ्तर में है, जो मेरी बेगुनाही को साबित करते हैं। इसे सामने क्यों नहीं लाया जा रहा। 100 करोड़ रुपये का शराब घोटाला है तो पैसा कहां गया। असली शराब घोटाला ईडी की जांच के बाद शुरू होता है। ईडी के जरिये वे पैसे इकट्ठा कर रहे हैं।
शरथ रेड्डी ने 55 करोड़ रुपये का चंदा भाजपा को दिया। मेरे पास सबूत हैं कि ये रैकेट चल रहा है। मनी ट्रेल साबित हुआ है। उसने गिरफ्तार होने के बाद भाजपा को पैसे दिए। मैं ईडी के रिमांड का विरोध नहीं कर रहा हूं। जितने दिन चाहे मुझे हिरासत में रख ले। पॉलिसी बनाते वक्त नहीं, ईडी की जांच के बाद असली शराब घोटाला शुरू हुआ है। ईडी के दो मकसद हैं। पहला, आप को खत्म करना और दूसरा उगाही के जरिये भाजपा को पैसे दिलाना।
मुख्यमंत्री नहीं कर रहे सहयोग: ईडी
ईडी रिमांड के दौरान 23 से 27 मार्च तक केजरीवाल के बयान दर्ज किए गए। इसके अलावा तीन और लोगों के बयान दर्ज किए। इसमें मनीष सिसोदिया के पूर्व सचिव सी अरविंद हैं, जिन्हें केजरीवाल की मौजूदगी में उनके घर ड्राफ्ट जीओएम रिपोर्ट दी गई।
ईडी ने कहा कि आप को फंड मिला, जिसका इस्तेमाल गोवा चुनाव में किया गया। एकदम स्पष्ट चेन मिली है। हमारे पास बयान और दस्तावेज हैं, जिनसे साबित होता है कि पैसे हवाला के जरिये आए और गोवा चुनाव में फंडिंग की गई। केजरीवाल कह रहे हैं कि पैसे भाजपा को दिए गए। उनका शराब घोटाले से कोई लेनादेना नहीं है। मुख्यमंत्री कानून से ऊपर नहीं होता है। वे भी आम आदमी हैं। हमारे पास सबूत हैं कि केजरीवाल ने 100 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी। अगर किसी को बयान बदलने के लिए मजबूर किया गया है तो यह जांच का विषय है।
केजरीवाल के बयान रिकॉर्ड कर लिए गए हैं। उन्होंने टालमटोल करने वाले जवाब दिए हैं। उन्होंने अपे चार डिजिटल डिवाइस के पासवर्ड नहीं बताए हैं। इस कारण हम डाटा हासिल नहीं कर पाए हैं। केजरीवाल कह रहे हैं कि वे अपने वकीलों से बात करेंगे। इसके बाद फैसला करेंगे कि पासवर्ड देना है या नहीं। अगर वे पासवर्ड नहीं देते हैं तो हमें पासवर्ड ब्रेक करना होगा।
केजरीवाल जानबूझकर पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहे हैं। हमने पंजाब के कुछ एक्साइज अधिकारियों को भी इस मामले में समन भेजा है। उनसे भी केजरीवाल का आमना-सामना कराया जाएगा। हम केजरीवाल का सामना कुछ और लोगों से करवाना चाहते हैं। आप के गोवा प्रत्याशी के चार और बयान दर्ज किए गए हैं। हम केजरीवाल और आप प्रत्याशी का आमना-सामना कराना चाहते हैं। 21 मार्च को केजरीवाल की गिरफ्तारी के दौरान उनकी पत्नी सुनीता का मोबाइल जब्त किया गया जिसके डाटा की जांच चल रही है।
जज ने केजरीवाल के वकील से कहा, अपनी आवाज धीमी करो
ईडी का कहना था कि केजरीवाल ने जो बयान दिए हैं, उनका छानबीन जरूरी है। उन्हें जांच में सहयोग करना होगा। वहीं, वकील रमेश गुप्ता ने कहा कि मैं ईडी को जवाब देना चाहता हूं। इस पर जज ने कहा कि आपके मुवक्किल पहले ही दलीलें दे चुके हैं। इस पर वकील ने कहा कि मैं ईडी के आवेदन का विरोध करना चाहता हूं। जज ने गुप्ता को टोका और कहा कि कृपया अपनी आवाज धीमी करें।