सोमवार शाम भारतीय इस्लामिक सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित एक कार्यक्रम में पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल ने वादा किया कि केंद्र में ‘आप’ की सरकार बनने पर बड़े मुस्लिम दंगों की जांच के लिए एसआईटी का गठन करेंगे।
केजरीवाल ने कहा कि आज सवाल मुस्लिम और हिंदू का नहीं, देश के 121 करोड़ लोगों की तरक्की का है। पूरा देश भ्रष्टाचार से पीड़ित है। आज अमन पसंद व तरक्की पंसद लोगों को एक मंच पर आने की जरूरत है।
केजरीवाल ने बताया कि दिल्ली में ‘आप’ की सरकार बनते ही उन्होंने सिख दंगा पीड़ितों को इंसाफ दिलाने के लिए एसआईटी का गठन किया। इसी तरह अगर केंद्र में सरकार बनती है तो देश के करीब 23 हजार बड़े मुस्लिम दंगों की जांच के लिए एआईटी गठन किया जाएगा।
हंगामा हुआ तो पिछले दरवाजे से निकले केजरीवाल
कार्यक्रम का आखिरी सत्र सवाल-जवाब का था। सवालों का सिलसिला शुरू होते ही वहां मौजूद लोग हंगामा शुरू कर दिया। आयोजकों ने उन्हें शांत करने की कोशिश की, लेकिन लोगों ने उन्हें अनसुना कर दिया।
आईआईसीसी के वदूद शाजिद ने बताया कि इसमें बहुत से लोग लोकसभा चुनाव टिकट मांगने वाले भी थे। सवाल-जवाब के बीच लोगों ने केजरीवाल तक पहुंचने की कोशिश की। धीरे-धीरे हंगामा बढ़ता गया।
सत्र शुरू होने के करीब पंद्रह मिनट के अंदर ही कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा और केजरीवाल को पिछले दरवाजे से बाहर निकालना पड़ा।
दिल्ली चुनाव से पहले मौलाना तौकीर से मिले थे केजरीवाल
दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले अरविंद केजरीवाल बरेली पहुंचे थे। वहां केजरीवाल ने आईएमसी मुखिया मौलाना तौकीर रजा खां से दिल्ली चुनाव में आम आदमी पार्टी के पक्ष में चुनाव प्रचार के लिए कहा था।
इस मुलाकात पर सवाल उठे थे। मार्च 2010 में बरेली में हुए दंगों को भड़काने के आरोप में तौकीर रजा खान की गिरफ्तारी हुई थी। तौकीर उत्तर प्रदेश सरकार के स्टेट हैंडलूम कॉरपोरेशन के उपाध्यक्ष हैं। उन्हें राज्य मंत्री का दर्जा मिला हुआ है।
इस दौरान उन्होंने दरगाह आला हजरत में चादरपोशी कर दुआ भी मांगी थी।
जनता नहीं नेता दंगे कराते हैं: केजरीवाल
केजरीवाल से जब सवाल किया गया कि भ्रष्टाचार के अलावा और भी मुद्दे हैं आम आदमी की ज़िन्दगी में बेरोज़गारी है, सांप्रदायिकता है, जातिवाद है। इन मुद्दों पर आपकी राय अधितर लोगों को पता नहीं है? केजरीवाल कहते हैं, गवर्नमेंट सेक्टर की नौकरियां बिकती हैं। एक-एक नौकरी के पैसे देने पड़ते हैं। लोग अपने गहने बेच देते हैं सरकारी नौकरियां हासिल करने के लिए।
प्राइवेट सेक्टर में नौकरियां क्यों नहीं बढ़ रही है? क्योंकि प्राइवेट सेक्टर को बढ़ने ही नहीं दे रही है सरकार। अगर हम ने भ्रष्टाचार दूर कर दिया तो नौकरियां भी बढ़ेंगी। आपने सांप्रदायिकता की बात की. हिन्दू और मुसलमान इस देश में शांति से जीना चाहते हैं। सदियों से ये साथ रह हैं. कौन कराता है ये दंगे? जनता दंगे नहीं कराती है।
नेता दंगे कराते हैं। उनके ख़िलाफ़ कोई जांच नहीं होती। क्यों कराना चाहते हैं ये दंगे? क्योंकि एक मुसलमान को वोट बैंक बनाना चाहती है और एक हिंदुओं को। न इस पार्टी ने मुसलमानों के लिए कुछ किया न उस पार्टी ने हिंदुओं के लिए कुछ किया।