दिल्ली के रामलीला मैदान में बुधवार को आयोजित ऑटो चालकों की रैली में आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि चार महीने में दिल्ली में ‘आप’ की सरकार आ रही है।
इसके बाद चालकों की सारी परेशानियां दूर हो जाएंगी। केजरीवाल ने कहा कि ऐसा नहीं लगता कि दिल्ली में राष्ट्रपति शासन है। इसकी जगह यहां पुलिसवालों की सरकार चल रही है।
‘आप’ की सरकार ने जो काम 49 दिन में किए थे, वही काम कांग्रेस-भाजपा की सरकारें लंबे समय तक भी नहीं कर पाई हैं। इससे साफ है कि दोनों दलों की सरकारों की नीयत में खोट है।
' 49 दिन बाद फिर बदल गई दिल्ली'
केजरीवाल ने याद दिलाया कि ऑटो चालकों के मुद्दे को सबसे पहले आप ने उठाया था। इसके बाद जब कांग्रेस-भाजपा को इसमें वोट बैंक दिखा और दोनों दल चालकों की बातें करने लगे, लेकिन न तो तत्कालीन कांग्रेस सरकार और न ही मौजूदा भाजपा सरकार ने उनकी भलाई के लिए कोई काम किया।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इसकी जगह मात्र 49 दिन की आम आदमी पार्टी की सरकार में कई काम हुए। भ्रष्टाचार पर रोक लगने से ऑटो चालकों को 5 से 10 हजार रुपये तक घूस नहीं देनी पड़ती थी।
वहीं पुलिस उत्पीड़न भी कम हुआ था, लेकिन सरकार जाने के बाद दोबारा ऑटो चालकों को परेशान किया जाने लगा। हालांकि केजरीवाल ने यह भी कहा कि पुलिसकर्मी भी दुखी हैं। उनकी कॉलोनियां खस्ताहाल हैं। उनके बच्चों के लिए स्कूल नहीं हैं। उन्हें 36-36 घंटे तक ड्यूटी करनी पड़ती है।
केजरीवाल ने बताई ट्रिक
वहीं वरिष्ठ अधिकारी पुलिसकर्मियों पर गलत काम करने का दबाव भी डालते हैं। केजरीवाल ने कहा कि ऑटो चालक भी गरीब है और पुलिसकर्मी भी। ऐसे में उन्होंने दोनों को एक साथ आने की नसीहत दी।
केजरीवाल ने सलाह दी कि अगर अधिकारी पुलिसकर्मी को परेशान करता है तो वह उसकी रिकॉर्डिंग कर ले और ऑटो चालक भी अपने साथ होने वाली जोर जबरदस्ती को चुपके से मोबाइल में रिकॉर्ड कर ले।
केजरीवाल ने दावा किया कि चार महीने में फिर से आप की सरकार बनने वाली है। इन स्टिंग के जरिए सभी बेईमान अधिकारियों को जेल भेजा जाएगा।
'रैली नहीं, केजरी का नाटक'
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता मुकेश शर्मा ने कहा कि केजरीवाल की ऑटो रिक्शा रैली के नाम पर भाड़े के कार्यकर्ता शामिल हुए हैं। इस रैली को केजरी नाटक का फ्लॉप शो कह सकते हैं।
उन्होंने कहा कि केजरीवाल की झूठ बोलने की प्रवृति जनता समझ चुकी है। चालकों ने रैली से दूरी बनाई है।
रैली में तीन हजार से अधिक लोग नहीं थे। अब केजरीवाल दिल्ली की राजनीति में हाशिये पर चले गए हैं। पार्टी ने 49 दिन की सरकार में खूब वादे किए थे जो पूरे नहीं हुए। अच्छा होता रामलीला मैदान में महंगाई के खिलाफ रैली करते।
'मौकापरस्त राजनीति करते हैं केजरीवाल'
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल पर मौकापरस्त राजनीति करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल, दिल्ली के ऑटो चालकों को भ्रमित कर रहे हैं। इसी तरह सी-सैट आंदोलन को समर्थन देना उनकी राजनीतिक चाल का हिस्सा है।
बृहस्पतिवार को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने कहा है कि पहले केजरीवाल, देश के किसी भी भाग में दंगा होने पर वहां पहुंच जाते थे। लेकिन सहारनपुर दंगे में निर्दोषों की हत्याओं और लूट पर केजरीवाल और उनकी पार्टी के सांसद चुप हैं।
उन्होंने कहा कि केजरीवाल चाहते तो अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान ऑटो रिक्शा चालकों के लिए कोई तार्किक नीति बना सकते थे। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। अब अपने डूबते जनाधार को बचाने के लिए उन्हें फिर से ऑटो वालों की याद आई है।