यह समय राजनीति का नहीं है
कश्मीरी पंडितों ने गुस्सा जाहिर करने के लिए विरोध किया लेकिन उन्हें रोक दिया गया। इतना ही नहीं उन्हें पीटा गया और उनको घरों में बंद कर दिया गया। यह राजनीति का समय नहीं है। वे सुरक्षित महसूस करना चाहते हैं। अगर उन्हें सुरक्षा नहीं मिलेगी तो बाकी लोग अपने घरों को कैसे लौटेंगे? मैं केंद्र से उनकी रक्षा करने का अनुरोध करता हूं।