दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी आम आदमी पार्टी ने रामलीला मैदान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली खत्म होते ही प्रेस काफ्रेंस कर मोदी और केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा।
मीडिया को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री सहित भीजेपी के सभी बड़े नेताओं ने आज कांग्रेस के भ्रष्टाचार से लेकर आप के आंदोलन करने के तरीके तक पर सवाल खड़ा किए लेकिन दिल्ली में आम आदमी पार्टी की 49 दिन की सरकार के विरोध में उनमें से कोई भी नेता एक शब्द भी नहीं बोल पाया।
केजरीवाल ने कहा कि इससे साफ है कि आम आदमी पार्टी की 49 दिनों की सरकार ने दिल्ली की जनता के हित में काम किया। यही कारण है कि कांग्रेस से लेकर भाजपा तक किसी के पास 49 दिन की आप की सरकार के खिलाफ कहने को कुछ भी नहीं है।
हालांकि केजरीवाल ने अपने संबोधन में भाजपा की इस रैली को निशान भी बनाया। उन्होंने कहा कि यह वही रामलीला मैदान जहां आजादी के बाद का सबसे बड़ा जनआंदोलन हुआ जिसे अन्ना हजारे ने शुरु किया।
चुनाव के पहले बीजेपी ने दिल्ली की जनता से कई वादे किए। चुनाव में जीतने के बाद उन वादों को पूरा करना तो दूर रामलीला मैदान में रैली करते हुए उनमें से किसी वादे का उन्होंने जिक्र तक नहीं किया।
केजरीवाल ने अपनी प्रेसकाफ्रेंस में ऐस दस मुद्दे गिनाए जिनपर भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने पिछले सात महिने में कोई भी ठोस कदम नहीं उठाया। केजरीवाल द्वारा उठाए गए दस मुद्दे इस प्रकार हैं...
दस वादे जिनपर फेल हुई बीजेपी
पहला, बीजेपी ने वादा किया था कि बिजली के दाम तीस प्रतिशत कम करेंगे। सात महीने से सरकार में होने के बावजूद इसे कम करना तो दूर उलट बिजली के दाम दो बार बढ़ाए जा चुके हैं।
दूसरा, बीजेपी वाले कोई नया बल्ब लेकर आए हैं। कहते हैं इससे हर साल 300 रुपये बचा सकते हैं। जबकि आम आदमी पार्टी ने अपने 49 दिनों के शासन में बिजली के दाम आधे कर दिए थे।
तीसरा, बीजेपी ने कहा था कि वह दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देंगे। यह बात कांग्रेस भी हमेशा से कहती रही है लेकिन दोनों ही पार्टियों ने इस मुद्दे पर कुछ नहीं किया।
लगातार तोड़ी जा रही झुग्गियां
चौथा, चुनाव के समय बीजेपी ने कहा था कि दिल्ली में एक भी झुग्गी नहीं टूटने नहीं देंगे। पिछले छह महीने में वसंज कुंज, ओखला और वजीरपुर में कई झुग्गीयां तोड़ दी गईं। गरीब बेघर हो गए और मोदी कहते हैं कि 2022 तक वह सबको मकान देंगे।
पांच, बीजेपी ने वादा किया था कि वह पचास लाख नए मकान देंगे। अभी तक उन्हों ने पांच हजार मकान भी दिल्ली में नहीं दिए। बल्कि दिल्ली में अब लोग कहने लग हैं कि जब-जब भाजपा आई है, झुग्गियों पर आफत आई है।
छह, कांग्रेस ने भी भ्रष्टाचार के मुद्दे पर अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया। जबकि आप की 49 दिन की सरकार ने दिल्ली में रिश्वतखोरी कम कर दी थी। इससे साफ है कि या तो ये करना नहीं चाहते या इन्हें करना नहीं आता। भ्रष्टाचार पर लगाम लगाना तो केवल आप को ही आता है और वही इस पर लगाम लगा सकती है।
महिलाओं के खिलाफ है मोदी सरकार
सात, भाजपा ने कहा था कि सत्ता में आत ही महंगाई दूर करेंगे। जब दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार थी तो मटर 15 रुपये किलो मिलते थे जबकि अब 40 रुपये किलो मिलते हैं। गोभी के दाम आठ से बढ़कर चालीस और गाजर दस से चालीस रुपये किलो हो गया है।
आठ, महिलाओं की सुरक्षा पर बड़े वादे करने के बाद भी दिल्ली में महिलओं के खिलाफ अपराध बढ़ते ही जा रहे हैं। इनके नेता में से कोई कहता है चार बच्चे पैदा करो। कोई कहता है लड़कियों को जींस और मोबाइल मत दो। उन्हें नौकरी मत करने दो। यह सरकार महिलाओं के खिलाफ है।
नौ, कहा जा रहा है कि अवैध कॉलोनियों के बारे में संसद में बिल पास कराया गया है। यह बिल्कुल झूठ है। यहां रजिस्ट्री कराने की कोई सुविधा नहीं है। किसी झुग्गी में जनसुविधाएं नहीं पहुंची हैं।
दस, इनका कहना है कि आप ने दिल्ली में सरकारी कर्मचारियों की उम्र 60 साल से घटाकार 58 कर दी। जबकि हरियाणा में पहले से ही यह उम्र 58 है और केंद्र में भी ऐसा ही करेन की पूरी तैयारी है।