फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीएम ने लांच किया ई-आरटीआई पोर्टल, भुगतान की सुविधा

Tue, 11 Jul 2017 09:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को दिल्ली सरकार के ई-आरटीआई पोर्टल की शुरुआत की। ई-आरटीआई में न सिर्फ ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे, बल्कि जवाब भी ऑनलाइन मिलेगा और प्रथम अपील भी ऑनलाइन कर सकेंगे।
विज्ञापन


हालांकि सिर्फ इंटरनेट बैंकिंग की सुविधा वाले आवेदक ही ऑनलाइन भुगतान करके सुविधा ले सकेंगे। ऑनलाइन सुविधा दिए जाने से न सिर्फ आवेदकों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि प्रथम अपील तक पहुंचने वाले आवेदक भी बढ़ेंगे।

दिल्ली सरकार के आंकड़े बताते हैं कि 2005 के आरटीआई कानून में 2.74 लाख आवेदन सरकार को मिले, जिसमें 2.70 लाख आवेदनों के जवाब दिए गए, लेकिन प्रथम अपील तक सिर्फ 3.35 फीसदी लोग ही गए।
विज्ञापन


ऐसा नहीं है कि सब संतुष्ट थे, बल्कि पहले आवेदन और फिर अपील के लिए कार्यालय के चक्कर लगाने की दिक्कत को अधिकारी बड़ा कारण मानते हैं। मुख्यमंत्री ने उद्घाटन कार्यक्रम में कहा कि दिल्ली ने ई-आरटीआई में आवेदन से अपील तक सभी ऑनलाइन कर दी है।

एनआईसी का रेडीमेड पोर्टल है, बाकी राज्य भी इसे कर सकते हैं। चाहें तो जो प्लेफॉर्म दिल्ली ने तैयार किया है, उसे कॉपी कर सकते हैं। अधिकारियों से मुख्यमंत्री ने कहा कि जितनी भी आरटीआई आईं, सबका जवाब दो, उसे ऑनलाइन डाल दें।

ऑनलाइन सूचनाएं मिलेंगी, तो आवेदन घटेंगे। विभागों को अधिक से अधिक सूचनाएं ऑनलाइन रखनी चाहिए। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग और निर्माण प्रोजेक्ट की सूचनाएं व बिल भी ऑनलाइन करने से भ्रष्टाचार घटेगा।

मुख्यमंत्री ने आरटीआई कार्यकर्ता और गुरु अन्ना हजारे व अरुणा रॉय को भी याद किया। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जनता के पैसे से सरकार चलती है। चंद लोग गाड़ी-बंगला लेते हैं तो जनता को जानना का अधिकार है कि उसका पैसा कैसे खर्च हो रहा है, तो मुख्यमंत्री और मंत्री भी इस दायरे में हैं।

प्रशासनिक सुधार मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा कि 3000 शब्दों तक एक से अधिक सवाल एक आरटीआई में दे सकेंगे। आरटीआईऑनलाइन.देहली.जीओवी.इन पर दाखिल आरटीआई के लिए 172 विभागों के 400 जनसूचना अधिकारी बनाए गए हैं। हर स्तर पर ई-मेल और एसएमएस अलर्ट मिलेगा। लंबित मामलों की निगरानी भी आसान हो जाएगी।
विज्ञापन

पहले दिन 40 से अधिक आरटीआई

दिल्ली सरकार के विभागों में आरटीआई की संख्या ई-पोर्टल के कारण अचानक बढ़ने वाली है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दोपहर 12 बजे ई-आरटीआई पोर्टल लांच किया और शाम 6 बजे तक 40 से अधिक आरटीआई पोर्टल पर आ गईं।

ये हालात तब हैं, जब भुगतान की सुविधा सिर्फ इंटरनेट बैंकिंग वालों को दी गई है। अभी डेबिट या क्रेडिट कार्ड से भुगतान नहीं किया जा सकता। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कार्यक्रम में पहले ही कहा कि अभी आरटीआई फाइल करना ही अपने आप में जद्दोजहद है। ऑनलाइन होने से आरटीआई दाखिल करना आसान हो जाएगा, क्योंकि विभागों के चक्कर लगाने नहीं पड़ेंगे, कुछ क्लिक में आरटीआई दाखिल हो जाएगी।     

भुगतान के तरीके को लेकर शुरुआत में थोड़ी दिक्कत      
सरकार ने आरटीआई ऑनलाइन कर दी। शुल्क 10 रुपये है और जरूरत पड़ेगी तो जवाब के बदले भुगतान भी ऑनलाइन हो सकेगा, लेकिन आवेदक अगर इंटरनेट बैंकिंग का इस्तेमाल नहीं करता है तो उसे ऑफलाइन आवेदन के लिए विभाग के चक्कर ही लगाने पड़ेंगे।

डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड से अन्य जगह की तरह भुगतान की सुविधा अभी दिल्ली सरकार के ई-आरटीआई में शुरू नहीं की गई है। इंटरनेट बैंकिंग में भी एसबीआई समूह बैंक के ईपे वालों को अतिरिक्त चार्ज नहीं देना होगा, जबकि अन्य बैंक यूजर्स को 3 रुपये व सर्विस चार्ज भी चुकाना होगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें