दिल्ली की जनता के सामने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का झूठ सामने आ गया है। केजरीवाल ने अपने बच्चों की कसम खाई थी कि कांग्रेस से किसी भी हालात में गठबंधन नहीं होगा क्योंकि गठबंधन भ्रष्टाचार को जन्म देता है। आज केजरीवाल उसी पार्टी के साथ गठबंधन के लिए कभी राहुल गांधी के सामने तो कभी शीला दीक्षित के सामने गिड़गिड़ा रहे हैं। यह बातें प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहीं।
तिवारी ने मुख्यमंत्री से यह भी पूछा कि अब उनकी भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने की कसमों का क्या हुआ? भ्रष्टाचार के साथ गठबंधन करने को अब वह क्यों बेचैन हैं। भारत के इतिहास में आम आदमी पार्टी पहली ऐसी पार्टी है जो देश के टुकड़े-टुकड़े चाहने वाले देशद्रोहियों के गैंग के बचाव के लिए न्यायालय की प्रक्रिया में भी दखल देने को तैयार है।
कांग्रेस और आम आदमी पार्टी गठबंधन करके लड़े या अलग-अलग लड़े, भाजपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुए विकास कार्यों और हर बूथ पर 51 प्रतिशत वोट पाने के लक्ष्य को लेकर चुनाव लड़ेगी।
आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस को भ्रष्टाचारी बताकर दिल्ली में चुनाव जीता था। कोयला घोटाला, राष्ट्रमंडल खेल घोटाला और 2जी घोटाले से त्रस्त दिल्ली की जनता को भ्रमित करने के लिए कांग्रेस ने केजरीवाल को खड़ा किया। हम यह पूर्ण विश्वास के साथ कह सकते हैं कि आम आदमी पार्टी कांग्रेस की बी टीम है। दिल्ली की जनता शताब्दी के सबसे बड़े झूठे केजरीवाल के झूठ को समझ चुकी है।