मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को उद्योग जगत के सफल और युवा उद्यमियों के साथ नई स्टार्टअप नीति का मसौदा तैयार करने के लिए सलाह-मशवरा किया। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि नई स्टार्ट-अप नीति से सरकार का लक्ष्य दिल्ली को स्टार्ट-अप के शीर्ष 5 वैश्विक स्थानों में से एक बनाना है। इसी मकसद से सरकार दिल्ली में स्टार्टअप की योजनाओं में तेजी लाएगी। इस काम में आम लोगों को इनपुट भी लिया जाएगा।
अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली सरकार अपनी स्टार्टअप नीति तैयार करने के लिए दो चरणों में परामर्श सत्र आयोजित करेगी। सबसे पहले, दिल्ली मॉडल की टीमवर्क की भावना को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने शनिवार से विभिन्न क्षेत्रों के उद्योग के सफल उद्यमियों व विशेषज्ञों को बुलाया था। इसमें एचसीएल के सह संस्थापक अजय चौधरी, सेकोइया कैपिटल के एमडी राजन आनंदन, इंडिया एंजल नेटवर्क की पद्मजा रूपारेल, श्रीहर्ष श्रीहर्ष मजेटी (सह-संस्थापक और सीईओ, स्विगी), फरीद अहसन (सह-संस्थापक, शेयरचैट), सुचिता सलवान (संस्थापक और सीईओ, लिटिल ब्लैक बुक), तरुण भल्ला (संस्थापक, अविष्कार), रियाज अमलानी, सीईओ और एमडी, इम्प्रेसारियो रेस्टोरेंट्स आदि कई उद्यमी शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने उद्यमियों को बताया कि देश के अन्य राज्यों की अपेक्षा दिल्ली में सबसे अधिक स्टार्ट-अप सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। इनका कारोबार करीब 50 बिलियन डॉलर है। एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली 2025 तक शीर्ष 5 वैश्विक स्टार्ट-अप हब बनने की ओर बढ़ रहा है।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आईआईटी करने के बाद उन्होंने देखा कि भारत के कुछ मेधावी युवा विदेशों में बेहतर अवसरों की तलाश में चले गए है। भारतीय दुनिया के सबसे होशियार उद्यमी हैं और उन्हें कामयाब होने के लिए सही अवसर और सही परिस्थितियों में मदद की जरूरत है। दिल्ली सरकार इसके लिए तैयार है।
दूसरी तरफ बैठक में शामिल उद्यमियों ने केजरीवाल का स्वागत किया और शहर में कोविड के संक्रमण को कम करने और अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने के लिए निरंतर प्रयास करने की कोशिशों की सराहना भी की। साथ ही सरकार के प्रयास में हर स्तर पर योगदान देने का भरोसा भी दिलाया।
दूसरे फेज में आम लोगों की ली जाएगी सलाह
अधिकारियों का कहना है कि अभी दूसरे उद्यमियों के साथ मुख्यमंत्री चर्चा करेंगे। इसके बाद सरकार स्टार्टअप नीति का एक मसौदा जारी करेगी। इसमें पॉलिसी पर आम जनता से इनपुट लेने के लिए एक ऑनलाइन फोरम शुरू करेगी। सरकार का मानना है कि इससे स्टार्टअप नीति को एक नया परिप्रेक्ष्य मिलेगा और बेहतर नीति तैयार करने में मदद मिलेगी।