केजरीवाल सरकार ने बिजली बिल में दी बड़ी छूट
- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बड़ा सियासी दांव खेला है। दिल्ली विद्युत विनियामक प्राधिकरण (डीईआरसी) के फिक्स चार्ज घटाने के फैसले के दूसरे दिन केजरीवाल ने 200 यूनिट तक बिजली खर्च करने वाले उपभोक्ताओं का बिल माफ कर दिया है।
गर्मी के महीने में इसका फायदा करीब 30 फीसदी बिजली उपभोक्ताओं को मिलेगा। वहीं, 201 से 400 यूनिट तक इस्तेमाल करने पर 50 फीसदी सस्ती बिजली मिलेगी। केजरीवाल के मुताबिक, बिजली फ्री करने के बाद भी सरकार को पहले की तरह 1800-2000 करोड़ की सब्सिडी देनी होगी। डीईआरसी से मिली राहत से सरकार को सब्सिडी नहीं बढ़ानी पड़ेगी।
दिल्ली सचिवालय में मीडिया से बात करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि बीते साढ़े चार साल में दिल्ली सरकार ने बिजली सेक्टर के लिए चार स्तर पर काम किया है। उपभोक्ताओं की बिजली सस्ती करने के साथ बिजली कंपनियों की वित्तीय स्थिति में भी सुधार करके दिल्ली को ब्लैक आउट होने से बचाया है।
यही नहीं, इस बीच बुनियादी ढांचे को बेहतर कर बिजली की कटौती को तकरीबन शून्य कर दिया है। गर्मी के महीने में इस साल 7,400 मेगावाट की पीक डिमांड के बाद भी आपूर्ति बाधित नहीं हुई।
अरविंद केजरीवाल के मुताबिक, इसकी बड़ी वजह यह है कि दिल्ली के लोगों ने ईमानदार सरकार चुनी है। आज दिल्ली सरकार आम लोगों के पैसे बचाकर अपनी जेब नहीं भर रही, इसकी जगह वह अभी तक खास लोगों को मिलने वाली सुविधाएं आम लोगों को भी मुहैया करा रही है। इसी कड़ी में दिल्ली सरकार ने बड़ा फैसला लिया है।
केजरीवाल ने उम्मीद जताई कि पानी मुफ्त करने पर जिस तरह से पानी बचाने को बढ़ावा मिला, उसी तरह से 200 यूनिट तक बिजली मुफ्त करने से ऐसे उपभोक्ता कम बिजली खर्च करने को प्रोत्साहित होंगे, जिनकी बिजली की खपत 200 यूनिट से ज्यादा, लेकिन उसके आसपास रहती है।
अरविंद केजरीवाल ने माना कि इस योजना के दायरे में आने वाले लोगों की संख्या में उतार-चढ़ाव होता रहता है। गर्मी के महीने में करीब 30 फीसदी उपभोक्ता इसके दायरे में आएंगे, जबकि सर्दी में इनकी संख्या करीब 70 फीसदी हो जाएगी।
केजरीवाल का भाजपा से सवाल
अरविंद केजरीवाल ने भाजपा से सवाल किया कि वह यह बताए कि दिल्लीवालों को मुफ्त बिजली योजना देने की घोषणा से सहमत है या नहीं। वहीं, चुनौती भी दी कि वह भाजपा शासित उत्तर प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र जैसे राज्यों में भी बिजली मुफ्त करवाने की कोशिश करे। केजरीवाल ने सवाल किया कि अगर दिल्ली में बिजली फ्री हो सकती है, तो बाकी राज्यों में क्यों नहीं।
लोड यूनिट बिल (2013) मौजूदा बिल (2019) नया बिल
1 50 264 128 0
1 100 485 211 0
1 200 928 477 0
2 200 928 622 0
2 250 1257 797 252
3 200 993 820 0
4 200 993 983 0
5 200 993 1146 0
नोट : बिजली का लोड किलोवाट में, बिल राशि रुपये में