मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मीडिया में झूठा विवाद खड़ा किया था। इसके बाद कांग्रेस सांसद ने यह मामला संसद में उठाया था जिसका खंडन किया गया था। यह बयान केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने हाईकोर्ट के समक्ष मानहानि मामले में जिरह में दिया।
भाजपा नेता जेटली ने केजरीवाल समेत आप के छह नेताओं पर 10 करोड़ रुपये मानहानि का दावा किया हुआ है। मामले की अगली सुनवाई अब 30 व 31 अक्तूबर को होगी।
संयुक्त रजिस्ट्रार पंकज गुप्ता के समक्ष जेटली ने कहा दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी पर सीबीआई की कार्रवाई के बाद केजरीवाल व अन्य आरोपियों ने उन पर डीडीसीए में वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाया था।
जेटली ने अपने बयान में कहा कि कांग्रेस के सांसद केसी वेणुगोपाल ने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी होने के कारण यह मामला संसद में उठाया था और इसका उसी समय खंडन किया गया था। कांग्रेस सांसद व आप नेताओं के आरोपों में कोई फर्क नहीं था।
वरिष्ठ वकील जेटली ने यह जवाब केजरीवाल की ओर से पेश हुये वरिष्ठ अधिवक्ता अनूप जॉर्ज चौधरी व अनुपम श्रीवास्तव के सवालों के बाद दिया। उन्होंने कहा कि वह 1999 से संसद में रहे लेकिन न वेणुगोपाल न किसी अन्य सदस्यों ने यह मुद्दा कभी नहीं उठाया। आप द्वारा दिसंबर 2015 में जांच एजेंसी की कार्रवाई के बाद यह मुद्दा उठाया गया।