दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने अरूण देव बिल्डर के भाई व भाई के बेटे को गिरफ्तार किया है। भाई को जालसाजी व बेटे को सड़क दुर्घटना के दो मामलों में गिरफ्तार किया गया है। कोर्ट ने बेटे को भगोड़ा घोषित किया गया हुआ था। भाई फर्जी कागजातों से लोन लेकर कार खरीदता था और फिर कारों को आगे बेच देता था।
अपराध शाखा डीसीपी राजेश पावरिया के अनुसार एसीपी अरविंद कुमार व इंस्पेक्टर शिवदर्शन को सूचना मिली थी कि कोर्ट ने वर्ष 2012 में पुलप्रह्लादपुर इलाके में हुई एक सड़क दुर्घटना के मामले में निखिल शर्मा को भगोड़ा घोषित किया हुआ है।
इस पुलिस टीम ने निखिल शर्मा को जगबीर कॉलोनी, असोला फतेहपुरबेरी से बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। उसके घर से स्वीफ्ट डिजायर कार मिली। पूछने पर पता लगा कि कार उसके पिता की है। पिता रवि कुमार शर्मा से पूछताछ की तो वह संतुष्टपूर्ण जवाब नहीं दे पाया।
पता लगा कि पिता के खिलाफ भी मंगोलपुरी में धोखाधड़ी का मामला दर्ज है। रवि कुमार शर्मा फर्जी कागजात से लोन लेकर कार खरीदता था और फिर उन्हें आगे बेच देता था। इस तरह उसने काफी कारें खरीदी थीं। निखिल नशा लेना का आदि है। वह नशे में तेज रफ्तार से कार चलाता था। इस तरह उसने दो सड़क दुर्घटनाएं कर दी थीं। उसे नशा मुक्ति केन्द्र भी भेजा गया था।
रवि कुमार ने बताया कि पहले वह अपने भाई की कंपनी अरूण देव बिल्डर्स के साथ काम करता था। अरूण देव बिल्डर घाटे में चला गया और उसके खिलाफ काफी लोगों ने मामला दर्ज करा दिया था। इसके बाद मूलरूप से राजा पार्क, देवली रोड खानपुर निवासी रवि कुमार वर्ष 2012-13 में जालसाजों के संपर्क में आया और जालसाजी करने लगा। शुरू में ये इलेक्ट्रीशियन का काम करता था। बाद में भाई के साथ काम करने लगा। निखिल कुमार ने बीबीए के पढ़ाई पूरी नहीं की थी।