मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है, पंख से कुछ नहीं होता हौसलों से उड़ान होती है… ये लाइनें सुनी और बोली तो खूब जाती हैं, लेकिन मुश्किल होता है इनको सच करना, और जो ऐसा करते हैं, वो मिसाल बन जाते हैं।
ऐसा ही कर मिसाल बनने वालों में श्रीलेखा मंडलापल्ली और उत्तम कुमार हैं। यह दोनों ही दिव्यांग हैं लेकिन फिर भी इन्होंने हिम्मत नहीं हारी।
श्रीलेखा जहां माउथ आर्टिस्ट हैं वहीं उत्तम फुट आर्टिस्ट हैं। इन दोनों के ही हाथ नहीं हैं लेकिन इनकी पेंटिंग देखकर आप यह नहीं कह सकते कि यह मुंह और पैरों से बनाई गई पेंटिंग है।
इन दोनों ने नोएडा सेक्टर 18 डीएलएफ माल में पेंटिंग बनाई। इनकी बनाई पेंटिंग का इस्तेमाल नेस्ले कंपनी अपने गिफ्ट आइटम में करेगी जिससे इस जैसे तमाम दिव्यांगों की मदद की जाएगी और लोगों को प्रोत्साहन मिलेगा।