दिल्ली में प्रदूषण आए दिन रिकॉर्ड बना रहा है। इससे हो रहे नुकसान को आम आदमी तक पहुंचाने के लिए सर गंगाराम अस्पताल ने दो दिन पहले एक आर्टिफिशियल फेफड़ा अस्पताल में लगाया था जो 48 घंटे में ही सफेद से काला पड़ गया। इस फेफड़े को बैंगलुरु की संस्था ने बनाया है। इनमें सफेद हेपा फिल्टर लगाए गए हैं, जो प्रदूषित हवा के संपर्क में आने पर काले पड़ जाते हैं। इससे सेहत पर वायु प्रदूषण के प्रभाव को समझने में मदद मिलेगी।
अस्पताल के सेंटर फॉर चेस्ट सर्जरी के चेयरमैन डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि 30 साल के करियर में इस तरह फेफड़ों के रंग बदलते हुए नहीं देखा। पहले लोगों के फेफड़े गुलाबी होते थे। जो लोग धूम्रपान करते थे, केवल उनके ही फेफड़ों में ब्लैक डिपहृजिर (काले फेफड़े) देखने को मिलते थे, लेकिन अब अमूमन लोगों के फेफड़े काले हो रहे हैं। यह दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण का सूचक है। उन्होंने बताया कि 3 नवंबर को दोपहर 12 बजे आर्टिफिशियल फेफड़ा लगाया था, जोकि सोमवार दोपहर 12 बजे तक काला पड़ चुका था।