चैटिंग से पता लगा है कि ये युवाओं को पहले जिहादी मानसिकता की ओर मोड़ते थे और फिर आईएस से जुड़ने के लिए बरगलाते थे। जहांजेब ने जिन लोगों से चैटिंग की है, उनके नाम भी मोबाइल में कोड वर्ड में लिखे हैं।
ये सोशल मीडिया के सभी प्लेटफार्म पर युवाओं से चैटिंग करते थे। पुलिस अब इनके संपर्क में आए युवाओं का पता करने के लिए गूगल की मदद लेगी। उससे इन युवाओं के कंप्यूटर व मोबाइल के आईपी एड्रेस मंगाए जाएंगे। स्पेशल सेल के मुताबिक, मोबाइल की चैटिंग से पुख्ता हो गया है कि दंपती आईएसकेपी से जुड़ा था।