मेरठ के हाशिमपुरा दंगा मामले में दो तारीखों से पेश नहीं हो रहे यूपी पुलिस के एसएचओ गैर जमानती वारंट जारी होने के घंटे भर में बृहस्पतिवार को दिल्ली की कोर्ट में पेश हो गए। तीस हजारी अदालत ने गैर हाजिर रहने व अनुपालना रिपोर्ट पेश न करने पर थाना लिंक रोड गाजियाबाद के एसएचओ की गिरफ्तारी के लिए इससे कुछ देर पहले गैर जमानती वारंट जारी किया था।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार गोयल की कोर्ट में हाशिमपुरा दंगा के दोषियों के संबंध में थाना लिंक रोड के एसएचओ को रिपोर्ट पेश करनी थी। केस की सुनवाई के लिए आवाज लगी तो यूपी पुलिस की ओर से कोई पेश नहीं हुआ।
यूपी पुलिस के विशेष अधिवक्ता अकबर आबिदी ने कोर्ट को बताया कि कोई पुलिस अधिकारी पेश नहीं हुआ है। कोर्ट ने कुछ समय इंतजार किया लेकिन तब भी कोई नहीं आया तो एसएचओ के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करते हुए एसएसपी गाजियाबाद को तामील करने का निर्देश दिया।
एसएचओ के खिलाफ जारी गैर जमानती वारंट की खबर जैसे ही मीडिया में चली तो उनके होश उड़ गए। इसके बाद वह आनन-फानन में एक घंटे के भीतर कोर्ट में पेश हो गए। कोर्ट ने रिपोर्ट पेश न करने पर एसएचओ को कड़ी फटकार लगाई, बाद में उन्हें राहत देते हुए वारंट पर फिलहाल रोक लगा दी है।
कोर्ट ने दंगा मामले में छह दोषियों के गैर जमानती वारंट एसएचओ को सौंपते हुए उन्हें पेश करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा दोषियों के वारंट को एसएचओ तामील करें और पांच दिसंबर को रिपोर्ट पेश करें। उसके बाद वारंट रद करने पर विचार किया जाएगा। हाईकोर्ट ने इस मामले में दायर अपीलों पर 31 अक्तूबर 2018 को फैसला सुनाते हुए पीएसी के 16 पूर्व जवानों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।