नई दिल्ली। साकेत कोर्ट ने आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) के एक मामले में दो आरोपियों की गिरफ्तारी को अवैध घोषित करते हुए उन्हें तुरंत रिहा करने का आदेश दिया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी राज कुमार सिंह की अदालत ने मामले की सुनवाई की। अदालत आरोपी रविंद्र पाल सिंह चड्ढा उर्फ रविन चड्ढा और मनोज भाईया साहेब पोंगड़े की पुलिस रिमांड की मांग पर सुनवाई कर रही थी। अदालत ने कहा कि जब आरोपी नोटिस के अनुसार जांच में शामिल हो रहे थे, तो जांच अधिकारी को यह स्पष्ट करना चाहिए था कि आगे की जांच नोटिस या अन्य कानूनी तरीकों से क्यों नहीं की जा सकती। केवल आरोपों की गंभीरता गिरफ्तारी का आधार नहीं बन सकती।
मामला सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया की टेंडर प्रक्रिया से जुड़े फर्जी बैंक गारंटी और दस्तावेजों के आरोपों से संबंधित है। अदालत के अनुसार, यह आदेश केवल गिरफ्तारी की वैधता और पुलिस रिमांड की मांग तक सीमित है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तारी के 24 घंटे के भीतर पेश किया गया और हिरासत में किसी तरह की मारपीट का आरोप नहीं है। लेकिन उपलब्ध तथ्यों के आधार पर गिरफ्तारी कानून के अनुरूप नहीं पाई गई।