मेला अवधि में स्टेशनों पर यात्री सुविधा संबंधी, आपातकालीन चिकित्सा, आकस्मिक सेवा, स्वच्छता और सौंदर्यीकरण समेत यात्री सुरक्षा व संरक्षित गाड़ी परिचालन किया जाएगा। उत्तर रेलवे ने इस वित्तीय वर्ष में 75 जनरल कोच बढ़ाकर 29 जोड़ी ट्रेनें कर दीं है। कुंभ के दौरान इस कोच को स्पेशल और नियमित ट्रेनों में जोड़कर चलाया जाएगा। आर्थिक रूप से कमजोर और अन्य दोनों पर संतुलित ध्यान केंद्रित करने पर जोर दिया गया।
रेलवे का कहना है कि सामान्य कोचों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए विशेष कोच विनिर्माण कार्यक्रम शुरू किया गया है, जिसका लक्ष्य 12,000 सामान्य कोचों का उत्पादन करना है। इनमें से 900 को इस वित्तीय वर्ष में पहले ही जोड़ा गया है।
टिकट काउंटर की संख्या बढ़ाई जाएगी
यात्रियों को टिकट काउंटर पर भेजना, यात्रियों को टिकट उपलब्ध करवाना और सही गाड़ी की जानकारी देने के लिए दिल्ली के स्टेशनों पर भी अतिरिक्त काउंटर खोला जाएगा। भीड़ को नियंत्रित करना, यात्रियों के प्लेटफार्म तक पहुंचने के लिए स्टेशन परिसर के बार होल्डिंग एरिया बनाने का निर्देश दिया गया है। ताकि प्लेटफार्म पर अचानक से भीड़ नहीं बढ़े। यात्रियों को सुरक्षित रूप से गाड़ी के अंदर भेजना और गाड़ी में पर्याप्त यात्री हो जाने पर गाड़ी को प्रस्थान करवाने के लिए प्लेटफार्म पर कंट्रोल सेंटर बनेगा।
सुरक्षा पर विशेष ध्यान
छठ पूजा त्योहार की तरह ही कुंभ के दौरान यात्रियों की सुरक्षा अहम होगा। इसके लिए रैपिड एक्शन टीम, क्विक रेस्पांस टीम और फायर फाइटिंग टीम के कर्मचारियों की अतिरिक्त तैनाती स्टेशन पर की जाएगी। प्लेटफार्म और स्टेशन परिसर में डॉग स्क्वॉयड भी मौजूद रहेगा। ताकि आपात स्थिति से निपटा जा सके। जीआरपी और आरपीएफ टीम समन्वय बैठाकर सुरक्षा घेरे को मजबूत करेगी।