सैन्य और अर्द्धसैनिक बलों को मताधिकार के प्रयोग में देरी की समस्या से नहीं जूझना होगा। पहली बार संसदीय चुनाव में इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसमिटेड पोस्टल बैलट सिस्टम (ईटीपीबीएस) को अपनाया जा रहा है।
मतदान के लिए अब उन्हें डाक का इंतजार नहीं करना होगा बल्कि पोस्टल बैलट की स्कैन कॉपी उनके पास ऑनलाइन भेज दी जाएगी, जिससे बड़ी तादाद में फौजियों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
मताधिकार के लिए अब तक फौजियों तक डाक के जरिये पोस्टल बैलट भेजे जाते थे। कई बार इसके मिलने में देरी होती थी, जिसे ऑनलाइन किए जाने का उन्हें फायदा मिलेगा।
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी रणवीर सिंह ने बताया कि फौजियों को सहूलियतें मुहैया करवाने के लिए सर्विस वोटर को ऑनलाइन मतदान पत्र भेजे जाएंगे। अपने दायित्वों का निर्वाह करते हुए भी वोटिंग में किसी तरह की देरी की समस्या से न जूझना पड़े।
हालांकि मतदान के बाद पुरानी प्रक्रिया के तहत ही उनसे मतदान पत्र संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर तक भेजा जाएगा। हालांकि मतदान के बाद इसे पुरानी प्रक्रिया के तहत डाक के जरिये ही भेजा जाएगा।
वोटिंग करते ही सात सेकेंड तक मिलती रही वोटिंग की जानकारी
मुख्य निर्वाचन अधिकारी रणवीर सिंह ने बताया कि दिल्ली में पहली बार लोकसभा के चुनाव में वोटर वेरिफायड पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी) प्रणाली इस्तेमाल किया जाएगा। मतदाताओं को वोट डालने के बाद बीप की आवाज सुनाई देगी।
फिर मशीन में सात सेकेंड तक पर्ची को देखने की सुविधा होगी, जिसके लिए अंदर लाइट भी ऑन हो जाएगी। आठवें सेकेंड में मशीन से पर्ची बाहर निकल जाएगी। यह किसी को दी नहीं जाएगी। इस प्रणाली की मदद से मतदाताओं को इस बात का तत्काल पता चल जाएगा कि उन्होंने किस उम्मीदवार को वोट डाला है।