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यूपी में चुनाव से पहले तेजी से बढ़ रहा 'मौत के सामान' का धंधा

Fri, 13 Jan 2017 10:33 AM IST
जेपी शर्मा/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
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वोटरों को डराने, धमकाने और धाक जमाने आदि में अवैध असलाह का इस्तेमाल हो सकता है। पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए पांच दिन के भीतर दो अवैध असलाह फैक्ट्रियों का खुलासा किया है। क्षेत्र में अभी भी अवैध असलाह मौजूद है, इस अंदेशे से इंकार नहीं किया जा सकता।
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पूर्व में जम्मू के फर्जी लाइसेंस पर असलाह खरीदने का भी खुलासा हो चुका है। पुलिस-प्रशासन ने लाईसेंसी हथियार जमा करने के कड़े निर्देश दिए हैं। अवैध असलाह धारकों पर भी पुलिस को अभी और पैनी नजर रखनी होगी।

बिसरख और कासना कोतवाली पुलिस ने पांच दिन के भीतर दो स्थानों पर अवैध असलाह फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। बिसरख कोतवाली पुलिस ने 7 जनवरी को रोजा याकूबपुर के पास झुग्गियों में छापा मारकर असलाह फैक्ट्री पकड़ी थी और एक अलीगढ़ निवासी आरोपी को गिरफ्तार किया था।
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पुलिस को दें सूचना पहचान रखेंगे गुप्त : एसपी 

- फोटो : self
वहीं, कासना कोतवाली पुलिस ने बुधवार को सिग्मा-4 सेक्टर स्थित एक स्थान पर छापा मारकर असलाह फैक्ट्री पकड़ी थी। चौंकाने वाली बात यह है कि दोनों स्थानों पर असलाह फैक्ट्री चलाने वाले आरोपियों ने पूछताछ में जानकारी दी है कि वह विधानसभा चुनाव में अवैध असलाह की बिक्री और दाम में बढ़ोतरी के मद्देनजर वह हथियार बना रहे थे।

इससे स्पष्ट हो रहा था अवैध असलाहे का इस्तेमाल वोटरों को डराने, धमकाने या मतदान को प्रभावित करने के लिए किया जाता। पिछले कुछ दिनों से चलाए जा रहे अभियान में भी पुलिस ने कई लोगों को अवैध असलाह के साथ पकड़ा है। इससे क्षेत्र में अभी और अवैध असलाह होने का पूरा अंदेशा है। 

अवैध असलाह रखने वालों पर कार्रवाई के लिए पिछले कई दिनों से डविशेष अभियान चलाया जा रहा है। जिसमें कई लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। दो स्थानों पर असलाह फैक्ट्री का भी खुलासा हो चुका है।

क्षेत्र में कोई व्यक्ति अवैध असलाह रखता है या कहीं असलाह बनाने का काम हो रहा है, तो इसकी जानकारी तुरंत पुलिस को दें। सूचना देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी। -सुजाता सिंह, एसपी देहात
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