पर्यटक बनकर मध्य प्रदेश से हथियार लाकर तस्करी करने वाले एक घोषित बदमाश को द्वारका जिला पुलिस ने गिरफ्तार किया है। बदमाश की निशानदेही पर पुलिस ने सात पिस्टल और छह कारतूस बरामद किए हैं।
बदमाश अपने एक सहयोगी के साथ मिलकर दिल्ली व एनसीआर के बदमाशों को हथियार सप्लाई करता था जिसमें नंदू गैंग के बदमाश भी शामिल हैं। पुलिस उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है।
जिला पुलिस उपायुक्त ऐंटो अल्फोंस ने बताया कि बदमाश की पहचान जाफरपुर कलां निवासी हरीश कुमार उर्फ सुंदा (32) के रूप में हुई है। राजधानी में आगामी चुनाव के मद्देनजर पुलिस बार्डर की चेकिंग और अवैध हथियार रखने वालों पर विशेष निगरानी रख रही है और इनके खिलाफ अभियान चला रही है।
पुलिस को 29 नवंबर को सूचना मिली थी कि हरीश बार्डर इलाके में सक्रिय बदमाशों को हथियार सप्लाई करता है। उसके आने की सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर उसे खड़खड़ी रौंड बस स्टॉप से दबोच लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से एक पिस्टल और दो कारतूस मिले।
पुलिस ने शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू की तो उसने बताया कि वह दिल्ली व एनसीआर में सक्रिय बदमाशों खासकर नंदू गैंग के बदमाशों को हथियार सप्लाई करता है।
पुलिस ने उसकी निशानदेही पर छह पिस्टल और चार कारतूस और बरामद किए। उसने बताया कि वह पर्यटक बनकर मध्य प्रदेश के मानावर और खलगढ़ से हथियार लाता था। हथियारों की खेप भी वह पर्यटक स्थल पर लेता था।
वह अपने साथ एक टूरिस्ट बैग रखता था और टूरिस्ट बस में पर्यटकों के साथ घुल मिल कर उनके साथ ही दिल्ली आ जाता था। रास्ते में कभी तलाशी होने पर पर्यटक उसका साथ देते थे।
एक पिस्टल पर कमाता था दस हजार रुपये
पुलिस की पूछताछ में हरीश ने बताया कि वह अपने एक सहयोगी की मदद से हथियार की तस्करी करता था। वह मध्य प्रदेश से एक पिस्टल 30 हजार रुपये में खरीदता था और उसे बदमाशों को 40 हजार में बेचता था। इससे वह एक पिस्टल पर 10 हजार रुपये कमाता था। पिछले महीने वह सात पिस्टल खरीदकर लाया था।
एक पिस्टल उसने अपनी सुरक्षा के लिए रखी थी जबकि छह पिस्टल घर में छुपाकर रखी थीं। यह पिस्टल वह बदमाशों को बेचने वाला था। पुलिस ने बताया कि हरीश आठवीं कक्षा तक पढ़ा है। गलत संगत की वजह से वह लूटपाट करने लगा। पहली बार 2009 में वह लूटपाट के मामले में पकड़ा गया था। उसके बाद से कई बार गिरफ्तार किया जा चुका है। ज्यादा रकम कमाने के लिए उसने हथियार तस्करी शुरू कर दी।