भवन निर्माण संबंधी नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की गाइडलाइंस का पालन न करने वाले सात बिल्डरों पर जीडीए ने 50-50 हजार रुपये का जुर्माना ठोंका है।
मंगलवार दोपहर डेढ़ बजे जीडीए ओएसडी डीपी सिंह के नेतृत्व में राजनगर एक्सटेंशन पहुंची अधिकारियों की टीम ने यह कार्रवाई की। सातों बिल्डरों को मौके पर ही जुर्माने का नोटिस भी जारी किया गया।
शहर में एनजीटी की गाइडलाइंस का पालन न करने पर यह जीडीए की पहली बड़ी कार्रवाई है। अधिकारियों ने गाइडलाइंस का पालन न करने वालों पर कार्रवाई जारी रहने की बात कही।
एनसीआर में बड़े पैमाने पर चल रहे निर्माण के कारण यहां की हवा में धूल के गुबार से बढ़ते प्रदूषण की रोकथाम के लिए बीती सात अप्रैल को एनजीटी ने एक आदेश दिया था।
इसमें निर्माण स्थल पर एनजीटी के निर्देशों और 2010 के पर्यावरण व वन मंत्रालय की गाइडलाइन का पालन न होने पर निर्माण कंपनियों पर जुर्माना लगाने और निर्माण गतिविधियां बंद कराने के आदेश थे।
एनजीटी के आदेश के अनुपालन में जीडीए ने शहर के 77 से अधिक बिल्डरों को नोटिस जारी किए थे। बिल्डरों को एनजीटी के आदेश की जानकारी भी दी गई थी।
बीते कई दिनों से निर्माण स्थल पर एनजीटी के आदेशों के उल्लंघन की शिकायतें जीडीए अधिकारियों को मिल रहीं थीं। कार्रवाई के दौरान अधिशासी अभियंता प्रमोद कुमार शर्मा समेत जोन के अवर अभियंता रहे।
करना होगा इन नियमों का पालन
निर्माण सामग्री को ढंककर रखना और लाना
सड़क, गली में सामग्री न रखना
निर्माण करने वाले मजदूरों को मास्क लगवाना
धूल रोकने को निर्माणाधीन इमारत को ग्रीन नेट से पूरी तरह ढंकना
धूल उड़ने की संभावना वाली जगह पर पानी का छिड़काव
निर्माण सामग्री हॉाने के बाद रोड की सफाई
निर्माण स्थल के चारों ओर ग्रीन बेल्ट लगाना
इन पर जुर्माना
राज रेजीडेंसी
देविका स्काइपर्स
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एसवीपी गुलमोहर
श्याम बिल्डवेल
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