दो छात्रों और मकान मालिक के बीच एडवांस किराया लौटाने को लेकर विवाद हो गया। आत्माराम कॉलेज के छात्र मयंक और उत्कर्ष ने आरोप लगाया कि पीजी संचालक ने एडवांस किराया वापस करने से मना कर दिया, जबकि वे कमरा खाली कर रहे थे।
दक्षिणी दिल्ली के सत्य निकेतन में हादसे के बाद से कई छात्र पीजी खाली कर सुरक्षित स्थान पर जा रहे हैं। इस दौरान दो छात्रों और मकान मालिक के बीच एडवांस किराया लौटाने को लेकर विवाद हो गया। आत्माराम कॉलेज के छात्र मयंक और उत्कर्ष ने आरोप लगाया कि पीजी संचालक ने एडवांस किराया वापस करने से मना कर दिया, जबकि वे कमरा खाली कर रहे थे।
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छात्रों के अनुसार, पीजी में एक बेड के लिए 9 हजार रुपये एडवांस किराया और 9 हजार रुपये जमानत राशि ली जाती है। उन्होंने बताया कि पीजी बदलने की जानकारी देने पर पहले मकान मालिक ने एक-दो दिन रुकने को कहा, लेकिन बाद में कहा कि यदि अभी कमरा खाली किया तो न तो किराया वापस मिलेगा और न ही जमानत राशि। छात्रों का यह भी आरोप है कि सुबह करीब 10 बजे फोन पर बात करने के दौरान मकान मालिक ने एमसीडी के नोटिस का हवाला देते हुए कहा कि जब तक आधिकारिक नोटिस नहीं आता, तब तक वह बिल्डिंग को अवैध नहीं मानते।
आरोप है कि मामले की जानकारी मीडिया तक पहुंचने के बाद मकान मालिक ने जमानत राशि तो लौटा दी, लेकिन एडवांस किराया अब तक वापस नहीं किया। पीजी संचालक ने छात्रों को एक-दो दिन में किराए के मुद्दे पर बात कर समाधान निकालने का आश्वासन दिया है। फिलहाल दोनों छात्र अपना सामान लेकर दोस्तों के कमरे में शिफ्ट हो गए हैं।