नंद नगरी-गगन चौक पर फ्लाईओवर के निर्माण में बाधा बने पेड़ों को हटाने के लिए एलजी वीके सक्सेना ने मंजूरी दे दी है। एलजी ने मुख्य रूप से फ्लाइओवर परियोजना के लिए 27 पेड़ों के प्रत्यारोपण के लिए 2.16 हेक्टेयर क्षेत्र के छूट को मंजूरी दी है।
इसमें 27 पेड़ों को हटाने के साथ ही निर्धारित मानदंडों के अनुसार प्रतिपूरक प्रत्यारोपण और वनीकरण किया जाएगा। बाधा दूर होने से निर्माण कार्य में तेजी आएगी। 157 करोड़ रुपये की लागत से फ्लाईओवर का निर्माण हो रहा है।
वर्तमान में करीब 1.4 किलोमीटर लंबे इस निर्माणाधीन फ्लाईओवर का 85 फीसदी काम पूरा हो चुका है। बाकी बचे काम को भी पूरा कराया जा रहा है। फ्लाईओवर के दोनों ओर की एप्रोच रोड को जोड़ने का काम होने के बाद सड़क बनाने और विद्युतीकरण के काम में ज्यादा समय नहीं लगेगा।
जिस मार्ग पर फ्लाईओवर बनाया जा रहा है वह सड़क दिल्ली को गाजियाबाद से जोड़ती है। यह क्षेत्र सघन आबादी वाला है। इस फ्लाईओवर को सितंबर, 2022 में मंजूरी मिली थी। फरवरी, 2023 में काम शुरू हुआ था। इसे पूरा करने के लिए जुलाई 2024 तक की डेडलाइन रखी गई थी, लेकिन विभिन्न अड़चनों के कारण निर्माण कार्य तय समय सीमा में पूरा नहीं हो पाया।
गाजियाबाद से दिल्ली आना-जाना होेगा आसान
गाजियाबाद के पास भोपुरा बॉर्डर से सिग्नेचर ब्रिज तक लगभग सात किलोमीटर के सफर को सिग्नल फ्री किया जाएगा। नंद नगरी से गगन सिनेमा फ्लाईओवर जहां खत्म होगा, उसके आगे लोनी गोल चक्कर फ्लाईओवर पहले से है। फिर गोकलपुरी फ्लाईओवर मिलेगा।
उसके बाद भजनपुरा लाल बत्ती को खत्म करने के लिए मेट्रो के साथ डबल डेकर फ्लाईओवर बन रहा है। लोनी बॉर्डर से सिग्नेचर ब्रिज तक मंगल पांडे मार्ग भी सिग्नल फ्री हो जाएगा। नंद नगर फ्लाईओवर के बन से जाने से घौंडा, मुस्तफाबाद, गोकलपुरी, नंद नगरी, करावल नगर के अलावा आस-पास की घनी आबादी वाली कॉलोनियों को फायदा मिलेगा। इसके अलावा यूपी के गाजियाबाद (भोपुरा बॉर्डर) से सिग्नेचर ब्रिज की तरफ आने वाला ट्रैफिक भी आसानी से निकल सकेगा।