- जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने सर्कुलर जारी कर दिए दिशा-निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने दिव्यांग छात्रों की थेरेपी सेवाओं के खर्च भुगतान और लाभ लेने की अनुमति को मंजूरी दी है। इस संबंध में विश्वविद्यालय ने सर्कुलर जारी कर दिया है।
यह सुविधा विशेष रूप से ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर और विशिष्ट अधिगम विकार से ग्रसित लाभार्थियों को मिलेगी। इसके लिए वह लाभार्थी पात्र होंगे जिनकी स्थायी दिव्यांगता 40 प्रतिशत या उससे अधिक है। इसके लिए यूनिक डिसेबिलिटी आईडी कार्ड और सक्षम चिकित्सा प्राधिकरण द्वारा जारी दिव्यांगता प्रमाण पत्र अनिवार्य किया गया है।
थेरेपी सेवाओं में ऑक्यूपेशनल थेरेपी, स्पीच थेरेपी और एप्लाइड बिहेवियर एनालिसिस आधारित व्यवहारिक थेरेपी शामिल हैं। विश्वविद्यालय ने यह निर्णय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की सिफारिशों और डॉ. एमए अंसारी हेल्थ सेंटर की चिकित्सकीय राय के आधार पर लिया है।