नेशनल कंसल्टेशन टू कॉम्बैट ह्यूमन ट्रैफिकिंग
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सवाईवर ने अपनी लिखित अपील में सरकारी संगठनों, न्यायपालिका, नागरिक समाज संगठनों, वित्त पोषण एजेंसियों, सामुदायिक समूहों और नागरिकों से एक साथ आने और ह्यूमन ट्रैफिकिंग के खतरे से लड़ने के लिए सामूहिक कार्रवाई करने के लिए सक्रिय हस्तक्षेप की मांग की। इन्होंने आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर कार्ड, राशन कार्ड और अन्य सरकारी योजनाओं से जुड़ाव के अपने अधिकारों की भी मांग की है।
अपील में ट्रैफिकिंग से बचे लोगों को इस खतरे के खिलाफ लड़ाई में अपने अनुभव का उपयोग करने, ह्यूमन ट्रैफिकिंग से लड़ने के लिए पर्याप्त धन, बाल अधिकारों की रक्षा के लिए काम करने वाले लोगों के लिए चुनावों में सीटों का आरक्षण और ह्यूमन ट्रैफिकिंग के खिलाफ लड़ाई में शामिल करना भी शामिल है।
इसके अलावा, अपील में बड़े पैमाने पर ह्यूमन ट्रैफिकिंग के खिलाफ जनजागरूकता अभियान चलाने, सभी लड़कों और पुरुषों को ह्यूमन ट्रैफिकिंग के दुष्प्रभावों पर शिक्षित करना और ट्रैफिकिंग के विभिन्न रूपों एवं पीड़ितों पर इसके प्रतिकूल प्रभाव को पहचानना और पीड़ितों के लिए पर्याप्त मुआवजा सुनिश्चित किए जाने की बात कही गई है। ट्रैफिकिंग के सवाईवर ने मासूम बच्चों और महिलाओं को बाल श्रम, वेश्यावृत्ति और बाल दासता की ओर आकर्षित करने वाली प्लेसमेंट एजेंसियों को विनियमित करने के लिए विशिष्ट कानून बनाने की भी अपील की।