हमेशा बड़ा सपना देखने चाहिए। जब सपना बड़ा होगा, तो आपका प्रयास भी बड़ा होगा। ऐसे में बड़ा सपना हर हाल में पूरा भी होगा। जिलाधिकारी मेधा रूपम ने अमर उजाला के ओपन हाउस सेशन में यह बात कही। उन्होंने कहा, जिले में बच्चियों की संख्या बालकों के मुकाबले नहीं बढ़ रही। ऐसे में यह समझ में आता है कि समाज में आज भी घर का चिराग बेटे को ही समझा जाता है। इसे बदलने की जरूरत है। इस लड़ाई में आप अकेले नहीं हैं हम सब आपके साथ हैं।
जिलाधिकारी मेधा ने कहा, यह माना जाता है कि महिलाओं को कुछ करना है तो पुरुषों को पीछे जाना पड़ेगा। यह सच नहीं है। सच यह है कि महिलाओं को आगे आना होगा। पुलिस बल, थाने, तहसील, परिवहन विभाग, विकास भवन, अस्पताल, पत्रकारिता में जब महिलाएं आगे होंगी, तो ऐसी तमाम जगहें उनके लिए अपने आप सुरक्षित हो जाएंगी। उन्होंने कहा, कई बार ऐसा होता है कि हम बड़े सपने देखने से खुद को ही रोक लेते हैंै। शायद हम सपने में खो जाते हैं या लोगों की बातों में आ जाते हैं। यदि महिलाएं ठान लें, तो कोई भी ताकत उसे आगे बढ़ने से रोक नहीं सकती। खुद भगवान उसका हाथ थामते हैं।
डीएम ने की पुलिस कमिश्नर की तारीफ
डीएम मेधा ने पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह की तारीफ करते हुए कहा कि नोएडा में आज कोई महिला सड़क पर चलती है और वह अपने आप को सुरक्षित महसूस करती है, तो उसका श्रेय पुलिस कमिश्नर को जाता है।
बड़ी नानी के अंतिम संस्कार पर आगे आईं थी हम बहनें
- डीएम मेधा ने बताया कि बड़ी नानी के निधन के बाद अंतिम संस्कार के वक्त परिवार की सभी बुजुर्ग महिलाएं पीछे हो गई थीं। उस समय उन्होंने अपनी बहनों संग आगे आने का निर्णय किया था। ऐसे फैसलों में बड़ों का साथ रखने के लिए हमने अपनी मां का हाथ पकड़ा था।
अब मिशन शक्ति की धार और बढ़ेगी। प्रदेश सरकार की ओर से मिशन शक्ति के तहत बीसी सखी (बैंकिंग कॉरसपॉन्डेंट) पहल शुरू की गई है। रूरल फाइनेंस को बढ़ावा देने के लिए सरकारी उपक्रमों के माध्यम से कार्यक्रम आगे बढ़ाया जा रहा है। हालांकि पुरुषवादी सोच ने इसका विरोध किया था लेकिन आज प्रदेश के हर गांव में बीसी सखी है, जो खाता खुलवाती है।
ओपन हाउस में आला अधिकारियों ने प्रदेश सरकार की योजनाओं के बारे में बात की। सीपी लक्ष्मी सिंह ने बताया, बीसी सखी ग्रामीणों को बैंक की सेविंग, निवेश और एफडी के बारे में बताती है। सभी काम पूरे करवा बैंक ले जाती है। आज महिलाएं यहां भी आगे बढ़ रही हैं, जबकि पुरुष लगातार विरोध कर रहे थे कि महिलाओं को वित्तीय प्रबंधन के बारे में क्या समझ आएगा। महिलाओं के काम को देखकर पुरुषवादी सोच ने महिलाओं को स्वीकारना सीख लिया है।
यही नहीं, पंचायती राज के माध्यम से महिलाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है। जिस पंचायत में महिलाओं को बैठना मुश्किल होता था, वहां भी सोच बदल रही है। लक्ष्मी सिंह ने कहा, किसी महिला को आप एक लाख रुपये देकर देखिए, वह उससे करोड़ रुपये बना सकती हैं। यही वजह है कि लखपति दीदी योजना से जुड़ी महिलाएं आज करोड़पति दीदी बन चुकी हैं।
मिशन शक्ति से लें मदद
बताया गया कि महिलाओं से जुड़ी कोई भी समस्या हो, तो मिशन शक्ति केंद्र तक जा सकती हैं। समाज के हाशिये पर खड़ी महिला को मिशन शक्ति ने आशा और सोचने की काबिलियत दी है और सोच को जमीन पर उतारने का हौसला दिया है।
साइबर क्राइम से रहें सतर्क
लक्ष्मी सिंह ने बताया, साइबर क्राइम के मामलों में डिजिटल अरेस्ट जैसे मामले काफी सुनने को मिलते है। ऐसे मामलों में साइबर पुलिस लगातार काम कर रही है। पहली बार साइबर पुलिस ने साइबर क्राइम होने के दौरान पीड़ितों को उनके जाल में आने से बचाया था। ऐसे मामलों पर लगाम लगाने के लिए जिले में अलग से थाना है, जहां पीड़ित शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
कार्यक्रम में मौजूद रहीं विशिष्ट अतिथि
राजस्थान की पूर्व मुख्य सचिव, आईएएस कुशल सिंह, जामिया मिलिया इस्लामिया व एनआईयू की पूर्व कुलपति डॉ. कुमकुम दीवान, पूर्व विधायक नोएडा विमला बाथम, इंडस्ट्रियल बिजनेस एसोसिएशन की उपाध्यक्ष खुशबू सिंह, जिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. अजय राणा, भंगेल सीएचसी की वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मीरा पाठक, चाइल्ड पीजीआई के माइक्रोबायोलॉजी विभाग की प्रमुख डॉ. सुमी नंदवानी, फेलिक्स अस्पताल की मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. रश्मि गुप्ता, निंबस ग्रुप की डायरेक्टर यामिनी अग्रवाल, यथार्थ हॉस्पिटल की सीनियर कंसल्टेंट डॉ. आफरीन खान, इंस्पायर इंटरनेशनल स्कूल की प्रिंसिपल अनीता बंसल, खेमका फाउंडेशन की सीईओ शुभ्रा सिंह और लाइफ कोच अनीता प्रजापति।