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दूसरे सीरो सर्वे में 29.1 फीसदी लोगों में मिली कोरोना के खिलाफ एंटीबॉडी, पहले के मुकाबले 6 फीसदी ज्यादा

Fri, 21 Aug 2020 06:09 AM IST
Vikas Kumar अभिषेक पांचाल, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना वायरस (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
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राजधानी में बृहस्पतिवार को दूसरे सीरो सर्वे के नतीजे घोषित हो गए। इसमें 29.1 फीसदी लोगों में कोरोना के खिलाफ एंटीबॉडी मिली है। यह लोग संक्रमित होकर ठीक हो गए। विशेषज्ञों का मानना था कि इस सर्वे में एंटीबॉडी का स्तर पहले के मुकाबले बढ़ेगा और करीब 40 फीसदी तक पहुंचेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। ऐसे में कहा जा सकता है कि दिल्ली में संक्रमण के खिलाफ सामूहिक रोग प्रतिरोधक क्षमता (हर्ड इम्युनिटी) विकसित होने की डगर अभी दूर है।

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सीरो सर्वे की रिपोर्ट पेश करते हुए दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सतेंद्र जैन ने कहा कि दिल्ली सरकार ने मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज के साथ मिलकर सभी 11 जिलो में यह सर्वे किया था। सर्वे में 18 वर्ष से कम आयु के 25 प्रतिशत, 18 से 50 वर्ष के 50 और 50 वर्ष से उपर के 25 प्रतिशत लोगों को शामिल किया गया था। सर्वे में 29.1 प्रतिशत लोगों में एंटीबॉडीज पाई गई हैं।  स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह अच्छी बात यह है कि 29 प्रतिशत लोग कोरोना से संक्रमित होकर ठीक हो चुके हैं, लेकिन अभी दिल्ली सामूहिक रोग प्रतिरोधक क्षमता के स्तर तक नहीं पहुंची हैं। 

18 साल से कम उम्र के लगभग हर तीसरे व्यक्ति में एंटीबॉडी
18 साल से कम उम्र के लगभग हर तीसरे व्यक्ति में कोरोना से लड़ने वाले एंटीबॉडी मिले हैं। सिरो सर्वे की रिपोर्ट के मुताबिक, 18 साल से कम उम्र के 34.7 फीसदी लोगों में एंटीबॉडी मिले हैं और 18 से 49 साल की उम्र वाले 28.5 फीसदी और 50 से अधिक उम्र वाले 31.2 फीसदी लोगों में एंटीबॉडी मिले हैं। 
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हर जिले में अलग रही दर
सीरो सर्व के तहत दिल्ली के प्रत्येक जिलें में लोगों के अंदर एंटीबॉडी का स्तर अलग-अलग रहा। दक्षिणी पूर्वी जिले के लोगों में एंटीबॉडी का स्तर सबसे अधिक 33.2 फीसदी रहा। वहीं, दक्षिण पश्चिमी जिले में सबसे कम 16.3% रहा।

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जिलेवार स्थिती

जिला              कितने फीसदी लोगों में मिले एंटीबॉडी
1. उत्तर पूर्वी             29.6
2.दक्षिणी                 27.2
3.दक्षिणी पूर्वी            33.2
4. नई दिल्ली             24.6
5.दक्षिणी पश्चिम         16.3
6.उत्तरी जिला             31.6
7.मध्य जिला              31.4
8. शाहदरा                 29.9
9.पश्चिमी                    26.5
10.पूर्वी जिला              28.9
11. उत्तरी पश्चिमी         29.6

पहले सर्वे में 23 फीसदी लोगों में मिली थी एंटीबॉडी
पहले सर्वे में लगभग 23 फीसदी लोगों में एंटीबॉडी मिले थे। इस दौरान 21300 लोगों के सैम्पल लिए गए थे। लेकिन इस बार 15 हजार सैंपल लिए गए हैं। इसकी वजह बताते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वैज्ञानिकों ने पूरी दिल्ली की स्टडी करके 15 हजार सैंपल लिए हैं, आगे के सर्वे में भी कितने सैंपल लिए जाएंगे, यह वैज्ञानिक ही तय करेंगे। उन्होंने कहा कि सर्वें में सभी वर्ग के लोगों को शामिल किया गया है। अगले महीने एक तारीख से यह फिर शुरू किया जाएगा। 

सामूहिक रोग प्रतिरोधक क्षमता का पता चलेगा
विशेषज्ञों का कहना है कि 50 से 70 प्रतिशत लोग संक्रमित होकर ठीक हो जाते हैं, तो सामूहिक रोग प्रतिरोधक क्षमता बन जाती है। अपोलो अस्पताल के डॉक्टर यश बताते हैं कि अगर किसी क्षेत्र में 50 फीसदी लोगों में एंटीबॉडी मिलते हैं तो यह खतरा कम कर देने वाला होगा। ऐसी स्थिति में कोरोना संक्रमण के मामले कम हो जाएंगे। अगर लगभग हर दूसरे व्यक्ति में एंटीबॉडी होंगे तो कोरोना का प्रसार बहुत कम हो जायेगा,लेकिन अभी दिल्ली उस स्थिती से दूर है। क्योकि,दूसरे सर्वे में 29 फीसदी लोगों में ही एंटीबॉडी मिले हैं। इस आंकड़े को 50 फीसदी से अधिक होने में अभी समय लगेगा। 

हर्ड इम्युनिटी कैसे कोरोना का प्रसार रोकेगी
सफदरजंग अस्पताल के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉक्टर जुगल किशोर कहते हैं कि इंसानों के किसी झुंड के अधिकतर लोग अगर वायरस से इम्यून हो जाएं तो झुंड के बीच मौजूद अन्य लोगों तक वायरस का पहुँचना बहुत मुश्किल होता है। अगर दिल्ली की 50 से 70 प्रतिशत आबादी कोरोना वायरस से संक्रमित होकर ठीक हो जाए, तो बाकी आबादी में संक्रमण का खतरा काफी कम होगा। 
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