जिला कितने फीसदी लोगों में मिले एंटीबॉडी
1. उत्तर पूर्वी 29.6
2.दक्षिणी 27.2
3.दक्षिणी पूर्वी 33.2
4. नई दिल्ली 24.6
5.दक्षिणी पश्चिम 16.3
6.उत्तरी जिला 31.6
7.मध्य जिला 31.4
8. शाहदरा 29.9
9.पश्चिमी 26.5
10.पूर्वी जिला 28.9
11. उत्तरी पश्चिमी 29.6
पहले सर्वे में 23 फीसदी लोगों में मिली थी एंटीबॉडी
पहले सर्वे में लगभग 23 फीसदी लोगों में एंटीबॉडी मिले थे। इस दौरान 21300 लोगों के सैम्पल लिए गए थे। लेकिन इस बार 15 हजार सैंपल लिए गए हैं। इसकी वजह बताते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वैज्ञानिकों ने पूरी दिल्ली की स्टडी करके 15 हजार सैंपल लिए हैं, आगे के सर्वे में भी कितने सैंपल लिए जाएंगे, यह वैज्ञानिक ही तय करेंगे। उन्होंने कहा कि सर्वें में सभी वर्ग के लोगों को शामिल किया गया है। अगले महीने एक तारीख से यह फिर शुरू किया जाएगा।
सामूहिक रोग प्रतिरोधक क्षमता का पता चलेगा
विशेषज्ञों का कहना है कि 50 से 70 प्रतिशत लोग संक्रमित होकर ठीक हो जाते हैं, तो सामूहिक रोग प्रतिरोधक क्षमता बन जाती है। अपोलो अस्पताल के डॉक्टर यश बताते हैं कि अगर किसी क्षेत्र में 50 फीसदी लोगों में एंटीबॉडी मिलते हैं तो यह खतरा कम कर देने वाला होगा। ऐसी स्थिति में कोरोना संक्रमण के मामले कम हो जाएंगे। अगर लगभग हर दूसरे व्यक्ति में एंटीबॉडी होंगे तो कोरोना का प्रसार बहुत कम हो जायेगा,लेकिन अभी दिल्ली उस स्थिती से दूर है। क्योकि,दूसरे सर्वे में 29 फीसदी लोगों में ही एंटीबॉडी मिले हैं। इस आंकड़े को 50 फीसदी से अधिक होने में अभी समय लगेगा।
हर्ड इम्युनिटी कैसे कोरोना का प्रसार रोकेगी
सफदरजंग अस्पताल के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉक्टर जुगल किशोर कहते हैं कि इंसानों के किसी झुंड के अधिकतर लोग अगर वायरस से इम्यून हो जाएं तो झुंड के बीच मौजूद अन्य लोगों तक वायरस का पहुँचना बहुत मुश्किल होता है। अगर दिल्ली की 50 से 70 प्रतिशत आबादी कोरोना वायरस से संक्रमित होकर ठीक हो जाए, तो बाकी आबादी में संक्रमण का खतरा काफी कम होगा।