1984 सिख विरोधी दंगा(1984 anti sikh riots) मामले में दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने सज्जन कुमार के खिलाफ पेशी का वारंट जारी किया है। अदालत ने वारंट जारी करते हुए सुलतानपुरी मामले में आदेश दिया है कि सज्जन कुमार को कोर्ट में पेश किया जाए।
अदालत सुलतानपुरी मामले की अगली सुनवाई 28 जनवरी को करेगी। बता दें कि इस समय सज्जन कुमार मंडावली जेल में सिख विरोधी दंगों के ही एक मामले में उम्र कैद की सजा काट रहे हैं।
दंगों के एक और मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया था सीबीआई को नोटिस
सिख दंगा मामले में दोषी पूर्व कांग्रेस नेता सज्जन कुमार की याचिका पर 14 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को नोटिस जारी किया था। मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने सज्जन की जमानत याचिका पर भी जांच एजेंसी और अन्य प्रतिवादियों से चार हफ्ते में जवाब मांगा था। पीठ में जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एसके कौल भी शामिल हैं।
दिल्ली हाईकोर्ट ने 17 दिसंबर को सिख दंगों से जुड़े एक मामले में सज्जन कुमार को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके बाद उन्होंने 31 दिसंबर को कोर्ट के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था। उन्हें मंडोली जेल भेज दिया गया। पूर्व कांग्रेस नेता ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिस पर शीर्ष कोर्ट सुनवाई को तैयार हो गया है।
सज्जन कुमार को दिल्ली कैंट के राजनगर इलाके में एक परिवार के पांच लोगों की हत्या और एक गुरुद्वारे को जलाने के मामले में दोषी ठहराया गया था। हालांकि, निचली अदालत ने 2010 में सज्जन को इस मामले से बरी कर दिया था। 1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सिख सुरक्षाकर्मियों ने हत्या कर दी थी। इसके बाद दिल्ली समेत देशभर में हुए दंगों में हजारों लोग मारे गए थे।