द्वारका जिले के बिंदापुर में 12 वर्षीय मासूम लापरवाही की भेंट चढ़ गया। बुधवार को हुई तेज बारिश के दौरान मुदित कुमार ट्यूशन पढ़कर घर लौट रहा था। इस बीच घर के नजदीक भूमिगत तार से उसे जोरदार करंट लगा और वह पानी में गिर गया। मुदित के साथ मौजूद बच्चों ने उसे उठाने की कोशिश की तो उन्हें भी करंट लगा।
शोर मचाने पर लोग इकट्ठा हो गए, लेकिन किसी ने भी पानी में घुसकर मुदित को निकालने की हिम्मत नहीं जुटाई। कई बार कॉल करने के बाद आखिर बिजली कटी तो उसे निकालकर इंदिरा गांधी अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में मुदित को मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने परिजनों के बयान पर लापरवाही का मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। मुदित के पिता ने बीएसईएस को बेटे की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि घर के पास ही कुछ समय पूर्व केबल की मरम्मत की गई थी। गड्ढे को मलबे से ढक दिया गया था। पहले भी बारिश के पानी में इससे कुछ लोगों को करंट लगा था।
पुलिस के मुताबिक, मूलरूप से गांव सेवारामपुर, पोस्ट लल्लूपुर, मैनपुरी निवासी मुदित परिवार के साथ बी-ब्लॉक, डीडीए फ्लैट, बिंदापुर, उत्तम नगर में रहता था। परिवार में पिता रमन कुमार, मां अर्चना, छह साल की बहन दृष्टि और छह माह का छोटा भाई नितांश कुमार है। रमन एक निजी बैंक में मैनेजर हैं। मुदित निजी स्कूल में 7वीं का छात्र था। वह घर के पास ही 5 से 7 बजे के बीच ट्यूशन पढ़ता था। शाम सात बजे बारिश के दौरान वह दोस्तों के साथ ट्यूशन से लौट रहा था। इस दौरान घर से करीब 50 मीटर दूर गली में पानी भरा हुआ था। वहां से गुजरते समय अचानक मुदित को जोरदार करंट लगा और वह गिर गया। हादसे के समय रमन बैंक में मौजूद थे। लोगों ने बिजली कटने के बाद मुदित को अस्पताल पहुंचाया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया।
जिलास्तर का ताइक्वांडो खिलाड़ी था मुदित
पिता ने रोते हुए बताया कि बहुत कम उम्र से ही मुदित को खेल का शौक था। ऐसे में उसे बिंदापुर में ताइक्वांडो की कोचिंग दिलाई जा रही थी। जिला स्तर पर पिछले साल मुदित ने दो रजत और कांस्य पदक जीते थे। फिलहाल, वह स्टेट लेवल की तैयारी कर रहा था। स्कूल में भी उसकी खूब चर्चा होती थी। अपने शिक्षकों का भी वह प्रिय था।
कुछ लोगों व कुत्ते को लगा था करंट
रमन ने बताया कि डीडीए फ्लैट में बिजली के कनेक्शन के लिए गली के बाहर पैनल लगे हुए हैं। इसके तार जमीन में हैं। करीब 10-12 दिन पहले घर के पास भूमिगत तार खराब होने के बाद जोड़ लगाया गया था। बिजली कंपनी के कर्मचारियों ने ऐसे ही मलबा डालकर छोड़ दिया था। पिछले सप्ताह हुई बारिश के बाद यहां पानी भरा तो कुछ लोगों के अलावा एक कुत्ते को भी करंट लगा था। इसकी शिकायत भी बिजली कंपनी को की गई थी, लेकिन ध्यान नहीं दिया गया। अब उनके बेटे की मौत के बाद अचानक सब जाग गए हैं। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
मां का रो-रोकर बुरा हाल
रमन ने बताया कि हादसे के समय वह बैंक में थे। करीब सवा सात बजे उनके पास घर से कॉल आई। इसके बाद वे द्वारका सेक्टर-7 स्थित बैंक से घर पहुंचे तो मुदित को इंदिरा गांधी अस्पताल ले जाने का पता चला। वहां पहुंचने पर बेटे की मौत की जानकारी मिली। वहीं हादसे के बाद से मुदित की मां अर्चना का रो-रोकर बुरा हाल है। वह बार-बार बेहोश हो रही थी। पुलिस ने बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम के बाद मुदित का शव परिवार के हवाले कर दिया। इसके बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया।
लापरवाही से मौत का मामला दर्ज कर लिया गया है। किसकी लापरवाही से मुदित की मौत हुई इसकी जांच की जा रही है। क्राइम और एफएसएल की टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं।
- अंकित कुमार सिंह, द्वारका जिला पुलिस उपायुक्त