कंपनी का एमडी बबलू यादव दसवीं पास है और उसके खिलाफ एटा में पांच मुकदमे दर्ज हैं। लेकिन इसका मुख्य कर्ताधर्ता रोहित चौहान है। रोहित दिल्ली विश्वविद्यालय से एमबीए पास है। दरअसल, आरोपी बाइक बोट की तर्ज पर ही ठगी का यह तरीका ढूंढा और सेक्टर-63 में ऑफिस में खोला। धीरे-धीरे ऑनलाइन विज्ञापन देकर झांसे में लिया गया। करीब तीन से चार महीने में लगभग छह हजार लोगों से पैसे ठग लिए।
निवेश कराने पर मिलता था कमीशन
कंपनी की तरफ से कई तरह के प्रलोभन देकर लोगों को जोड़ा गया, जो भी कंपनी में पैसा निवेश करता था, उन्हें बताया जाता था कि अगर किसी दूसरे से निवेश करवाता हो तो उसे चार से पांच फीसदी कमीशन मिलेगा। कमीशन हासिल करने के चक्कर में मुजफ्फरनगर निवासी अमित ने करीब 750 लोगों के पैसे निवेश करा दिए।
कंपनी ने बदला प्लान तो निवेशकों को हुआ था शक
पोंजी स्कीम वाली कंपनियां पहले से ही भागने की तैयारी में रहती है। इस कारण स्कीम व प्लान बदलती रहती हैं। शुरू में कंपनी ने एक साल तक प्रति माह साढ़े आठ हजार देने की बात कही थी। कुछ महीने तक पैसे देने के बाद प्लान बदल लिया और 18 महीने तक 6 हजार रुपये प्रतिमाह देने की बात कही। इसका निवेशकों ने बहुत विरोध किया था। इस दौरान निवेशकों को फ्रॉड होने का शक हुआ था। कंपनी ने कुछ अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान भी प्लान में शामिल कर दिया। इसका निवेशकों ने विरोध किया। 17 अप्रैल को कंपनी में पहुंच कर हंगामा के साथ तोड़फोड़ की। इस दौरान कुछ निवेशक इलेक्ट्रॉनिक के सामान लेकर फरार हो गए। दिल्ली पुलिस के दो सिपाहियों ने भी इस कंपनी में लाखों रुपये का निवेश किया था।
नोएडा में पोंजी स्कीम के नाम पर लोगों की गाढ़ी कमाई लूटने का यह पहला मामला नहीं है। वर्ष 2016 में एब्लेज इंफो के नाम पर अनुभव मित्तल व उनके संबंधियों ने करीब 3800 करोड़ रुपये का घोटाला किया था। मामले की जांच स्पेशल टीम कर रही है।
अनुभव मित्तल व अन्य डायरेक्टर जेल में हैं, लेकिन निवेशकों के पैसे वापस नहीं किए गए। कुछ महीने पहले बाइक बोट के नाम पर ठगी का मामला सामने आया था। बाइक बोट के मालिकों ने 1500 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की है। हाल में ही ई सारथी नाम से एक और पोंजी स्कीम का खुलासा हुआ था। इस मामले में कोतवाली सेक्टर-58 में मुकदमा दर्ज किया गया है।
बाइक फॉर यू नामक एक फर्जी कंपनी का खुलासा किया गया है। बाइक बोट की तर्ज पर इस कंपनी ने भी लोगों से बाइक चलवाने के नाम पर मोटी रकम का निवेश कराई जाती थी। कंपनी के एमडी समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। - वैभव कृष्ण, एसएसपी।