सरकार द्वारा पंचायत निकाय के चुनावो में शेक्षिणक योग्यता लागू करना मेवात जिला की जिला प्रमुख बनी अनीशा बानों को जमकर रास आया। भाजपा नेता आलम उर्फ मुंडल ने अपने बेटे शौकीन की शादी में दहेज की जगह शिक्षा को तवज्जो देकर नगीना खण्ड के गांव नाईनंगला की रहने वाली बाहरवीं पास अनीशा बानो से पांच माह पहले निकाह करा लिया था।
अनीशा बानों का निकाह भले ही पांच माह पहले हो गया हो लेकिन अनीशा की अभी तक अपने पिया के घर नहीं गई हैं। अनीसा को जिला प्रमुख बने एक सप्ताह से अधिक का समय हो गया है।
ससुराल वालों की तरफ से संदेशा आने पर जिला प्रमुख अनीशा बानों को उसके पति के गांव रूसति करने के लिये उसके माईके वाले तो तैयार है लेकिन अभी तक कोई संदेशा न मिलने की वजह से अनीशा अभी भी अपने माईके नाईनंगला में रह रही हैं। अनीशा बानो के परिजनों का कहना है कि उसकी ससुराल वाले कभी भी अनीशा को ले जा सकते हैं। उन्होने तो अपनी लडकी निकाह से पहले ही दहेज देने से मना कर दिया था।
आप को बता दे कि इस बार हरियाणा सरकार ने पंचायती निकाये के पंच से लेकर जिला पाषर्द तक चुनाव लडने वाले उमीदवारों के लिये आठवीं और दसवीं पास होना अनिवार्य कर दिया था। इसी वजह से मेवात जिला मे कोई दूसरी शादी करके लाया तो किसी ने बिना दहेज के शादी की यहां तक की सरंपच का चुनाव लडाने वाली सिंगार की एक महिला खुद अपने पति के लिये शौकन कराकर लेकर आई तो वहीं अकलीमपुर का दीन मोहमद सरपंच का चुनाव लडने के लिये एसके पहले से ही आठ बच्चे होने के बावजूद दूसरी शादी करके लाना पडा।
वहीं भाजपा नेता आलम उर्फ मुंडल के गांव के सरपंच, ब्लोक समिति का वार्ड और जिला परिषद का वार्ड नंबर 18 सभी महिलाओ के लिये रजिर्व हो गये। भाजपा नेता ने गांव की सरपंच के लिये अपने बेटे अलीशेर की पत्नी को निविर्रोध गांव चांदडाका का सरपंच बना दिया।
परिवार में कोई और पढी लिखि बहु न होने पर उसने अपने की पत्नी अफीना निवासी कौलगांव को फिरोजुर झिरका पंचायत समिति के वार्ड नंबर 25 से निर्विरोध सदस्य चुनवा दिया वहीं जिला परिषद के वार्ड नंबर 18 से चुना लडाने के लिये आलम ने अपने बेटे शौकीन के लिये बिना दहेज के बहु तलाश करनी शुरू कर दी। करीब महिनों भर घूमने के बाद आलजिला पाषर्द का चुनाव लडाने के लिये की रिश्देरी में बाहरवीं कक्षा पास कर जेबीटी का फाईनल इयर कर रही अनीशा बानों पर नजर पडी।
आलम अनीशा बानों के परिजनों से मिला की वो अपने लडकी उसके लडके को दे दें। अनीशा की नानी, नाना मां बाप ने भाजपा नेता को एक शर्त रखी की उसके पास दहेज में देने को कुछ नहीं है। आलम ने उनके बात मान ली और तुरंत अपने लडके शौकीन का निकाह करा लिया। लेकिन लडकी की बिदाई चुनाव के बाद करने पर दोनो में सहमति बन गई थी।
जिला प्रमुख अनीशा बानों के नाना हाजी सद्दीक का कहना है कि उनको कोई दहेज तो देना नहीं ह लडकी ससुराल वालों की है वे जब चाहे ले जा सकते हैं। वहीं भाजपा नेता आलम का कहना है कि उसने बिना दहेज के शादी कर मेवात में एक शुरूआत की है और रही बहु को लाने की बात वह एक कार भेज कर किसी भी दिन ले आऐगें। वह बारात आदी का कोई ढोंग नहीं करना चहाते हैं।