अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी ने बुधवार को दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग से मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक उन्होंने दिल्ली की पूर्ववर्ती आप सरकार द्वारा रिलायंस इन्फ्रा की बिजली कंपनियों के कैग ऑडिट के मसले पर चर्चा की।
सूत्रों के मुताबिक बैठक में आप सरकार के उस फैसले पर भी चर्चा हुई जिसमें उसने दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग को निर्देश दिए थे कि यदि बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड और बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड दिल्ली में निर्बाध विद्युत आपूर्ति में फेल होती हैं तो इनके लाइसेंस रद्द कर दिए जाएं।
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हालांकि उपराज्यपाल के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक यह एलजी और अंबानी की एक औपचारिक मुलाकात थी।
पिछले महीने ही दिल्ली की तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में बिजली सप्लाई करने वाली निजी कंपनियों के कैग ऑडिट के आदेश दिए थे। लेकिन बीएसईएस डिस्कॉम्स सरकार के इस फैसले से खुश नहीं थी।
केजरीवाल ने आरोप लगाया था कि बीएसईएस डिस्कॉम्स एक दिन में 10 घंटे तक बिजली कटौती करके सरकार को ब्लैकमेल कर रही है। साथ ही उनके लाइसेंस रद्द करने की भी चेतावनी दी थी।
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बीएसईएस डिस्कॉम्स ने सरकार को फंड की कमी का हवाला देकर दिल्ली में 8 से 10 घंटे बिजली कटौती करने की चेतावनी दी थी।
दिल्ली के लगभग 70 फीसदी एरिया में बिजली सप्लाई करने वाली बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड और बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड को दिल्ली सरकार की विद्युत उत्पादन और वितरण कंपनियों को करीब 4000 करोड रुपए देने हैं। दोनों ही कंपनियों का कहना है कि वे आर्थिक मंदी के दौर से गुजर रही हैं, साथ ही दोनों कंपनियां बिजली खरीद की कीमतों और टैरिफ को बढ़ाने की भी मांग कर रही हैं।