'आप' में मचे घमासान के बीच अब केजरीवाल का एक ऑडियो मैसेज आलोचनाओं का शिकार हो गया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने यूं तो महिला दिवस पर नारी सशक्तिकरण को लेकर एक मिनट का मैसेज दिया, लेकिन मैसेज का परिणाम उल्टा हो गया।
रेडियो पर प्रसारित इस मैसेज ने कुछ समाजसेवी और महिला सशक्तिकरण के लिए काम कर रही महिलाओं को नाराज कर दिया है। अरविंद केजरीवाल ने अपने इस ऑडियो मैसेज में अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां और पत्नी को दिया है।
"मेरी पत्नी घर में दौड़ती हैं और मां अपना सहयोग बनाए रखती है जब मैं भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ता हूं" केजरीवाल ने अपने मैसेज में लोगों से गुजारिश की है कि महिलाओं से वो सीखें महिलाएं घर में कई महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाती हैं।
केजरीवाल के शब्द बने मुसीबत की वजह
केजरीवाल कहते हैं कि "मां, बेटी, बहू, सारी जिम्मेदारी निभा लेती हैं और उफ तक नहीं करतीं"। सोशल मीडिया पर छिड़ी जंग में इस मैसेज का असर कुछ उल्टा दिखाई दिया।
सोशल मीडिया पर एक्टिविस्ट कविता कृष्णन कहती हैं कि केजरीवाल अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस पर ढोंग कर रहे हैं। " मिस्टर केजरीवाल जिस रोल का आपने उदाहरण दिया है कि मां और बहन घर में दौड़ती हैं और आपको सहयोग करती हैं जब आप भ्रष्टाचार से लड़ते हैं।
इससे ऐसा महसूस होता है जैसे आप दिखाना चाहते हैं कि आदमी लीड कर रहा है और महिलाएं घर में दौड़ लगा रही हैं।
'मिस्टर केजरीवाल बहू बेटी से ज्यादा होती हैं महिलाएं'
ऐसे में कौन लीड कर रहा है? वो फेसबुक पर आगे लिखती हैं कि क्या आपकी नजर में यही महिलाओं के लिए सही रोल है जिसमें वो फिट होती हैं। क्या वजह है कि आपकी कैबिनेट में एक भी महिला को जगह नहीं दी गई है।
आगे वो लिखती हैं कि आप महिलाओं की तारीफ करते हुए उन्हें सहनशील, मजबूत बताते हो, लेकिन ये कैसी मजबूती। क्या आप इस सहनशीलता की बात अन्याय, असमानता, अनचाहीकैद को लेकर तो नहीं कह रहे हैं।
वहीं दूसरी ओर स्ट्रगलिंग वूमेन की संयोजक माया जॉन लिखती हैं कि केजरीवाल के इस मैसेज में चली आ रही परंपरा का सुर दिखाई देता है। महिलाएं बहु बेटी से ज्यादा काम करती हैं।