फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पुन: प्रेषित- जाम का हॉटस्पॉट बना आनंद विहार ट्रांसपोर्ट हब

विज्ञापन
विज्ञापन
यात्रियों के लिए स्टेशन परिसर से बाहर निकलना टेढ़ी खीर
विज्ञापन


सनी सिंह
नई दिल्ली। दिल्ली का ट्रांसपोर्ट हब कहा जाने वाला आनंद विहार इन दिनों जाम की समस्या से जूझ रहा है। रेलवे स्टेशन के एग्जिट प्वाइंट पर रोजाना लगने वाला जाम यात्रियों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। स्टेशन के बाहर अवैध दुकानों के कब्जे ऑटो, ई-रिक्शा व टैक्सियों के जमावड़े और डीटीसी बसों के बीच सड़क पर रुकने से यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। यात्रियों का कहना है कि ट्रेन का सफर आसान है, लेकिन स्टेशन से बाहर निकलना मुश्किल। वहीं, डीटीसी बस चालकों का कहना है कि स्टॉप की कमी के कारण उन्हें बीच सड़क पर बस रोकनी पड़ती है।

कोट्स

आनंद विहार स्टेशन पर ट्रेन से उतरने के बाद ऐसा लगता है जैसे जाम के जाल में फंस गए हों। मुस्तफा, यात्री

ऑफिस जाने के समय अफरा-तफरी रहती है। सड़क पर खड़े होकर बस का इंतजार करना पड़ता है। आलोक सिंह, यात्री

ट्रेन का सफर आराम से हो जाता है, लेकिन स्टेशन से बाहर निकलते ही जाम से समय बर्बाद हो जाता है। उसवीर, यात्री


फुटपाथ व सड़क पर कब्जा है। महिलाओं को धक्का-मुक्की के बीच बस और ऑटो पकड़ना पड़ता है। आशा, यात्री



क्यों लग रहा है जाम
एग्जिट गेट पर अवैध दुकानों और ठेलों का कब्जा
ऑटो और ई-रिक्शा का जमावड़ा
तय बस स्टॉप के बजाय, बीच सड़क रुकती हैं डीटीसी बसें

ट्रैफिक पुलिस और संबंधित एजेंसियों की निगरानी की कमी



रोजाना यात्रियों को झेलनी पड़ रही ये परेशानी

स्टेशन परिसर से बाहर निकलने में 15–30 मिनट तक लग रहे
ऑटो और बस तक पहुंचने में धक्का-मुक्की

बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चों को सबसे ज्यादा दिक्कत

पीक आवर में पूरी सड़क पर जाम की स्थिति

फुटपाथ और सड़क दोनों पर कब्जा



जिम्मेदार

रेलवे प्रशासन : स्टेशन एग्जिट और यात्री प्रबंधन
डीटीसी : बस स्टॉप और बस संचालन व्यवस्था

ट्रैफिक पुलिस : जाम नियंत्रण और वाहन प्रबंधन

नगर निगम : अवैध कब्जे और ठेले हटाने की जिम्मेदारी

जिला प्रशासन : समन्वय और निगरानी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें